फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाजार में रेता-बजरी महंगा, टेंशन में आई सरकार

Thu, 29 Jun 2017 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
sand and gravel
विज्ञापन
बाजार में खनन सामग्री के दाम में आए उछाल ने प्रदेश सरकार को टेंशन में डाल दिया है। कैबिनेट की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा और उन कारणों का जानने का प्रयास हुआ, जिनकी वजह से रेता-बजरी और बोल्डर के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है।
विज्ञापन


कैबिनेट ने मुख्य सचिव एस. रामास्वामी को मूल्यवृद्धि पर लगाम कसने का जिम्मा सौंपा है, मगर सूत्रों की मानें तो यह इतना आसान नहीं होगा। बता दें कि गठन के बाद से ही प्रदेश सरकार का अवैध खनन को लेकर बेहद कड़ा रुख है।

उसको उच्च न्यायालय के स्तर पर जारी आदेशों पर भी अमल करना पड़ा, जिससे गंगा नदी में खनन पर रोक रही। जब रोक हटी तो काफी समय गुजर चुका था। जानकारों की मानें तो अवैध खनन पर सख्ती के बाद से बाजार में खनन सामग्री की आवक कम हुई है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। मांग की तुलना में खनन सामग्री की कम आपूर्ति से दाम आसमान छू रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी वजह हैं

CM trivendra singh rawat
-28 मार्च से 12 मई तक प्रदेश में खनन पर कोर्ट की रोक थी, जिससे खनन बंद रहा।
-कोसी नदी में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) के अनुसार खनन एक महीने पहले बंद हो गया।
-गोला नदी में भी 15 दिन पहले ही खनन बंद हो गया।
-गंगा नदी पर खनन की इजाजत अंतिम समय में मिली, जबकि बाजार की बहुत डिमांड वहीं से पूरी होती है।
-खनन की सामग्री की ढुलाई और भंडारण पर सरकार ने सख्ती की।
-भोगपुर और रायवाला में प्राइवेट पट्टों में आंदोलन की वजह से खनन नहीं हो सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें