सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सम्मुख ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का रैंडमाइजेशन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि सल्ट क्षेत्र के उपचुनाव के लिए कुल 240 ईवीएम, 240 वीवीपैट मशीनों (रिजर्व सहित) का रैंडमाइजेशन किया गया। सभी मशीनों को जीआईसी भिकियासैंण के स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा, जहां से मशीनें पोलिंग पार्टियों को दी जाएंगी। द्वितीय रैंडमाइजेशन के बाद बूथवार मशीनों का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने रिटर्निंग अफसर को निर्देश दिए कि वे इस कार्य में लगे कर्मचारियों को पूर्ण सावधानी बरतने के निर्देश अपने स्तर से जारी कर दें और स्वयं इस कार्य पर पैनी निगाह रखें। इस दौरान नोडल अधिकारी निर्वाचन नवनीत पांडे, नोडल अधिकारी ईवीएम केसी आर्या, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अमित लांबा, सहायक निर्वाचन अधिकारी शंकर राम, भाजपा के विनीत बिष्ट, कांग्रेस के रॉबिन भंडारी आदि रहे।
उपचुनाव के लिए 151 मतदेय स्थल का चयन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 की गाइड लाइन के मद्देनजर मतदेय स्थलों-भवनों के सहायक मतदेय स्थल बनाने संबंधी संशोधन प्रस्ताव आयोग के अनुमोदन के लिए भेजा गया था। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संशोधन प्रस्तावों का अनुमोदन कर दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सल्ट विधानसभा उप निर्वाचन में अनुमोदन से पूर्व 136 मतदेय स्थल थे। 15 सहायक मतदेय स्थलों के अनुमोदन के बाद अब 151 मतदेय स्थल हो गये हैं।
सल्ट ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत ने किया जनसंपर्क
सल्ट उपचुनाव की तैयारी के तहत सभी संभावित दावेदारों ने अपने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सल्ट ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत ने गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया।
सल्ट में मोहन उपाध्याय होंगे उक्रांद के प्रत्याशी
उत्तराखंड क्रांति दल ने अल्मोड़ा जिले की सल्ट सीट पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए मोहन उपाध्याय को टिकट दिया है। यह सीट सुरेंद्र जीना के असमय निधन से खाली हुई है। पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रशेखर कापड़ी ने बताया कि उक्रांद ने सल्ट विधानसभा उपचुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कापड़ी ने कहा कि चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब सत्तारूढ़ भाजपा राज्य में अपनी सत्ता को बचाने के लिए हर स्तर पर जनविरोधी फैसले ले रही है। कापड़ी ने कहा कि एक बड़ी राजनीतिक समझ के साथ सभी क्षेत्रीय राजनीतिक दलों और आंदोलनकारी संगठनों को एक साथ भाजपा-कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।