नोटबंदी के बाद बैंकों में बने कैश के संकट से यह सवाल गहरा रहा है कि सरकारी मुलाजिमों को पहली तारीख को पगार मिल भी पाएगी कि नहीं?
बहरहाल, शासन ने कर्मचारियों के वेतन क्रेडिट कर दी है और अब इसे जारी करने का सारा दारोमदार बैंकों की कैश क्षमता पर निर्भर करेगा। कैश की कमी कर्मचारियों के वेतन में संभावित कठिनाई को लेकर सरकार की ओर से फिलहाल कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
अपर सचिव वित्त अरूणेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वेतन मद की राशि खातों में क्रेडिट होती है। यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनके हिसाब से पहली तारीख को वेतन जारी होने में कोई दिक्कत नहीं है।