लंबे इंतजार के बाद आखिरकार तीन निगमों में कर्मचारियों का इंक्रीमेंट लग ही गया। खुशी की बात यह है कि दीपावली से पहले अब इनकी भी सैलरी बढ़ने वाली है। आगे पढ़िए...
शुक्रवार को देहरादून जलसंस्थान, पेयजल और वन निगम के हजारों कर्मचारियों की सातवें वेतनमान की मुराद पूरी हो गई। शासन ने तीनों निगमों में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में नया वेतनमान लागू करने का आदेश जारी कर दिए हैं।
दीपावली से पहले कुछ और निगमों में सातवां वेतन लागू हो सकता है। शुक्रवार को मुख्य सचिव एस. रामास्वामी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में आठ और सार्वजनिक उपक्रमों में सातवां वेतन लागू करने के संबंध में अहम बैठक हुई।
सीएम व वित्त मंत्री का जताया आभार
शुक्रवार को अपर सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता अर्जुन सिंह ने जल संस्थान और पेयजल निगम में सातवां वेतन अनुमन्य करने के संबंध में शासनादेश जारी किए। प्रदेश सरकार के इन दोनों उपक्रमों में सातवां वेतन राजकीय कर्मियों की तर्ज पर पहली जनवरी 2016 से अनुमन्य किया गया है।
ये लाभ वहां सेवारत कार्मिकों और पेंशनरों को मिलेगा। इन दोनों संस्थानों में करीब आठ से 10 हजार कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसी तरह वन निगम में कार्यरत नियमित कर्मचारियों को सातवां वेतन अनुमन्य करने के संबंध में मुख्य सचिव (वन एवं पर्यावरण) एस. रामास्वामी ने शासनादेश जारी किया। गौरतलब है कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने तीनों निगमों में सातवां वेतन लागू करने के संबंध में स्वीकृति दे दी थी।
निगम कर्मचारी महासंघ ने सातवें वेतन का शासनादेश जारी करने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और संसदीय कार्य व वित्त मंत्री प्रकाश पंत का आभार प्रकट किया है। महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत, महामंत्री रवि चौरी, राजेंद्र कपिल, एसपी पंत, प्रवीण रावत, रमेश नेगी, अशोक शर्मा, हरदेव सिंह रावत व श्रीकृष्ण रतूड़ी ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार शेष रह गए निगमों के कर्मचारियों को सातवां वेतन देगी।
रोडवेज प्रबंधन भी सातवां वेतनमान देने को राजी
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने शुक्रवार को प्रदेश के आठ और सार्वजनिक उपक्रमों में सातवां वेतन लागू करने के संबंध में विचार किया। बैठक में ब्रिडकुल, उत्तराखंड परिवहन निगम, अल्पसंख्यक आयोग, बहुउद्देश्यीय वित्त विकास, कृषि विपणन बोर्ड, विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद, गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम से संबंधित सचिवों ने प्रस्ताव रखे। सूत्रों की मानें तो शासन ने दीपावली से पूर्व कुछ और सार्वजनिक उपक्रमों में सातवां लागू करने के संकेत दिए हैं।
परिवहन निगम कर्मी भी लंबे समय से सातवां वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर परिवहन निगम प्रबंधन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी के सामने एक प्रेजेंटेशन दिया। प्रबंध निदेशक बीके संत के अनुसार प्रबंधन सातवां वेतनमान देने को राजी है।
अगर वेतनमान दिया जाता है, तो प्रबंधन पर 24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। वहीं, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै और महामंत्री अशोक चौधरी ने वेतनमान देने को लेकर प्रबंधन के रुख का स्वागत किया। यूनियन ने उम्मीद जताई की जल्द नया वेतनमान कर्मियों को मिलने लगेगा।