उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली सायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर ट्रिपल तलाक की संवैधानिकता को चुनौती दी थी।
साथ ही, उनकी याचिका में मुस्लिमों में प्रचलित बहुविवाह प्रथा को भी गलत बताते हुए उसे खत्म करनी की मांग की गई थी। अर्जी में सायरा ने कहा था कि तीन तलाक संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
सायरा बानो की शादी 2001 में हुई थी और 2015 को पति ने उन्हें तलाक दे दिया था। तलाक के बाद वह अपने मायके चली गई और वहीं से तीन तलाक के खिलाफ लड़ाई लड़ी। सायरा का एक बेटा और एक बेटी है।