पत्रकारवार्ता में नितिन हुड्डा ने कहा कि तीन दिसंबर की रात को संत गोपालदास को रेफर किया गया जबकि उनकी हालत ठीक नहीं थी। इसमें ऋषिकेश एम्स प्रशासन ने अपनी गलती भी मानी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर संत गोपालदास को भेजा गया। इसके बाद वह लापता हो गए। नितिन हुड़्डा ने कहा कि अब उल्टे हम लोगाें के ऊपर ही आरोप लगाए जा रहे हैं कि हम सबने संत गोपालदास को कहीं छिपा दिया है।
संत सानंद की आवाज को संत गोपालदास ने उठाया था। उनकी आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। संत स्वामी संदीप आचार्य ने कहा कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक अनशन जारी रहेगा।