आप जो भाषणों में कहते हैं उन्हें करनी में तब्दील करने का माद्दा भी होना चाहिए। गंगत्व नष्ट करके जिस तरह प्रकृति का संतुलन बिगाड़ा जा रहा है वह विनाश का कारण बनेगा। संत ने पीएम मोदी से मांग की है कि हिमालय के पारिस्थितिकीय तंत्र, पर्यावरणीय संतुलन को देखते हुए ऐसी नीति बनाएं।
ऐसा खाका तैयार कवाएं जिससे मानवीय हस्तक्षेप की सीमा तय हो सके। उन्होंने लान किया है कि बुधवार से वह मौनव्रत धारणकर जल त्याग करेंगे। यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब कि प्रधानमंत्री की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता। चिट्ठी खून से लिखने के बारे में एसडीएम हर गिरी का कहना है कि संत गोपाल दास ने चिट्ठी पहले से लिख रखा था। लाल रंग था लेकिन कह नहीं सकता कि वो खून से लिखा गया या किसी स्याही से। पत्र भेज दिया गया है।
मातृसदन की ओर से ब्रहृमचारी दयानंद ने बताया है कि 20 अक्तृबर को यहां स्वामी सानंद की श्रद्घांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही गंगा की अविरलता के लिए आंदोलन की रणनीति भी तय होगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन स्वामी शिवानंद घोषणा भी करेंगे कि गंगा की निर्मलता के लिए वे कब अनशन पर बैठ रहे हैं।