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युवक को बचाने गए नेताजी तो साधुओं ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Mon, 29 Aug 2016 12:01 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाल, हरिद्वार
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saint beaten businessman in haridwar - फोटो : amar ujala
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हरिद्वार में एक युवक की पिटाई कर रहे जूना अखाड़े के साधुओं को टोकना भाजपा नेता को भारी पड़ गया।
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अखाड़े के साधुओं ने भाजपा नेता और व्यापार मंडल के जिला प्रवक्ता विनोद मिश्रा को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। साधुओं ने उनके कपड़े तक फाड़ दिए। भाजपा नेता ने किसी तरह से भागकर जान बचाई।

इसके विरोध में व्यापारियों ने पहले कोतवाली में हंगामा किया और फिर रोड पर जाम लगा दिया। विनोद मिश्रा की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।  
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जानकारी के अनुसार भाजपा नेता विनोद मिश्रा रविवार सुबह माया देवी मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लौटते समय भैरव अखाड़ा आश्रम के पास कुछ साधु संत एक युवक विकास को पीट रहे थे।

भाजपा नेता ने बीच बचाव करते हुए साधु संतों को रोकना चाहा। आरोप है कि युवक को छोड़कर साधु संत उल्टा भाजपा नेता पर ही पिल गए। भाजपा नेता को दौड़ा दौड़ा कर पीटते हुए कपड़े भी फाड़ दिए। जैसे तैसे भाजपा नेता ने भागकर अपनी जान बचाई।
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बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया

saint beaten businessman in haridwar
विनोद मिश्रा के समर्थन में बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया। कोतवाली से जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद व्यापारी नेता को लेकर व्यापारी वर्ग ने पोस्ट ऑफिस तिराहे पर जाम लगाकर आरोपी साधु संतों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने आश्वासन दिया कि वीवीआईपी कार्यक्रम के खत्म होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही व्यापारियों ने जाम खोला। इधर, भाजपा नेता की ओर से जूना अखाड़े के कोठारी, संत मोहन पुरी समेत कई संतों के खिलाफ मारपीट, गाली गलौच, हत्या की धमकी देने समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों में व्यापारी नेता संजीव नैय्यर, सुरेश गुलाटी, राजन मेहता, कमल बृजवासी, विकास तिवारी, दीपक गोस्वामी, संदीप शर्मा, महेंद्र सिंह रावत, शिवकुमार कश्यप, अभिषेक गौड़, आदित्य राज सैनी समेत अनेक लोग शामिल रहे। 

साधु नहीं ये गुंडे हैं
हरिद्वार कोतवाली में एक स्वर में व्यापारी वर्ग यही बोलता रहा कि यह साधु संत नहीं बल्कि गुंडे है। पूर्व में भी कुछ साधुओं ने दिल्ली के एक यात्री परिवार को बेरहमी से पीटा था। भल्ला रोड पर दुकानदारों से भी मारपीट की गई थी। हर कोई साधु संतों की दबंगई के किस्से सुनाता रहा। 

विवाद सुलझाने में जुटे आला नेता
एक तरफ जहां व्यापारी वर्ग साधु संतों के खिलाफ भड़ास निकाल निकाल रहे थे तो कुछ व्यापारी अंदर खाने मामले को सुलझाने में भी जुट गए थे। इसकी एक बड़ी वजह धार्मिक संपत्तियों पर कई बड़े व्यापारी नेताओं का किरायेदार होना है। ये व्यापारी नेता जूना अखाड़े से सीधे जुड़े है और रविवार को भी प्रकरण के बाद बड़े नेता साधु संतों की ढाल बनकर अंदरखाने समझौता कराने में जुट गए।
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