मातृसदन निरंतर एम्स ऋषिकेश में आत्मबोधानंद की जान को खतरा होने की बात कहता रहा। शनिवार को जब ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद एम्स अस्पताल में नहीं दिखे हरिद्वार से लेकर देहरादून प्रशासन में हडकंप मच गया। खुफिया विभाग ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि आत्मबोधानंद मातृसदन के ब्रह्मचारी पुण्यानंद के साथ डाक्टरों को बताए बिना ही मातृसदन लौट आए हैं।
जिसके बाद आत्मबोधानंद को उठाने शनिवार की देर रात एसडीएम मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार सुनैना राणा, सीओ कनखल स्वप्न किशोर सहित पुलिस बल मातृसदन पहुंच गया। टीम को देर रात मातृसदन में आता देख स्वामी शिवानंद काफी गुस्सा हुए और प्रशासन पर आत्मबोधानंद की हत्या का प्रसास करने का आरोप लगाया। इस बीच एसडीएम मनीष कुमार सिंह और स्वामी शिवानंद के बीच काफी बहस हुई।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि ऋषिकेश एम्स में ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का जीवन सुरक्षित नही है। उनका जो भी इलाज करना है वो मातृसदन में ही किया जाना चाहिए। स्वामी सानंद की भांति आत्मबोधानंद को एम्स में मारने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद प्रशासन द्वारा आत्मबोधानंद की स्वास्थ्य जांच के लिए डाक्टर को बुलाया गया और देर रात तक डाक्टर आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य की जांच करते रहे। इस दौरान पूरी टीम भी वहीं मौजूद रही।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद पहले ही उन्हें जबरन उठाने को लेकर डीएम और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी को पत्र लिख चुके हैं।
बता दें कि हाल ही में गंगा रक्षा के लिए बीते 39 दिनों से अनशन कर रहे मातृ सदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को प्रशासन ने जबरन उठाकर ऋषिकेश एम्स भर्ती करा दिया था। आत्मबोधानंद ने जबरन उठाकर ले जाने का काफी विरोध किया, लेकिन उनकी एक नहीं चली।
ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद गंगा रक्षा के लिए 24 अक्तूबर से अनशन कर रहे हैं। एसडीएम मनीष कुमार सिंह का कहना था कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद काफी दिनों से अनशन पर हैं और स्वास्थ्य की जांच भी नहीं करवा रहे। उनकी जीवन रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है।