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साइना ने बताया देश में मेडल लाने का फंडा, कहा उत्तर भारत के खिलाड़ी ज्यादा मजबूत

Thu, 27 Oct 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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साइना नेहवाल - फोटो : AmarUjala
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‘देश में कोच बढ़ेंगे तो मेडल भी बढ़ेंगे।’ देश में पदकों का सूखा समाप्त करने का यह फंडा बताया अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने। देहरादून पहुंची साइना ने कहा कि दक्षिण भारत की तुलना में उत्तर भारत के खिलाड़ी ज्यादा मजबूत होते हैं। केवल उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने उत्तराखंड के लक्ष्य सेन को भविष्य का स्टार बताया।
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इकोल ग्लोबल स्कूल के वार्षिकोत्सव में आईं साइना ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह चोट से पूरी तरह उबरकर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं। चोट की वजह से वह बतौर एथलीट आयोग की सदस्य के रूप में इंडियन ओलंपिक समिति की बैठक में शामिल नहीं हो पाईं। भविष्य में वे वहां जाकर खिलाड़ियों की समस्याएं उठाएंगी।

उत्तर भारत में बताई एकेडमी की कमी

साइना नेहवाल - फोटो : AmarUjala
ओलंपिक में कम मेडल के बारे में साइना ने कहा कि देश में कोचों की कमी है। दक्षिण भारत में तो दो बड़ी एकेडमी हैं, लेकिन उत्तर भारत में इसकी कमी है। दूसरी बार देहरादून पहुंची साइना काफी उत्साहित नजर आईं।

उन्होंने कहा कि चीन और हांगकांग में होने वाली प्रतियोगिता में यदि उन्हें मौका मिला और फिटनेस सही रही तो वह जरूर हिस्सा लेंगी। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वह खेलों में भी कॅरिअर बना सकते हैं। उनके साथ इकोल ग्लोबल के प्रबंधक तरुणजोत भी मौजूद रहे।
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'अपनी सेना पर गर्व है'

साइना नेहवाल - फोटो : facebook
‘मुझे अपने देश की सेना पर गर्व है। आज सीमा पर उनकी मुस्तैदी की वजह से हम देश में महफूज हैं। पाकिस्तान से खेलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘भारत और पाकिस्तान के रिश्ते भले ही नाजुक हों। लेकिन खेल के लिए मैं किसी भी देश में और किसी के भी साथ खेलने को तैयार हूं।’

लक्ष्य को बताया बेहतरीन खिलाड़ी
बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को भविष्य का खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी हैं जो तेजी से उभर रहे हैं। साइना ने बताया कि नौ साल की उम्र में उन्होंने बैडमिंटन शुरू किया था, उस वक्त उन्हें इस खेल के बारे में जानकारी नहीं थी। आज जब इतनी बड़ी संख्या में लड़कियों और लड़कों को बैडमिंटन खेलते देखतीं हैं तो गर्व होता है।
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