नमामी गंगे योजना के तहत कालसी में यमुना घाट निर्माण के लिए धारा परिवर्तन कर बनाई गई मिट्टी की सुरक्षा दीवार नदी के तेज बहाव में बह गई। पानी निर्माणाधीन घाट के प्लेटफार्म के निर्माण के लिए बनाई गई दीवार से होकर बह रहा है। नदी के जलस्तर बढ़ने और बहाव तेज होने पर दीवार के ढहने का खतरा पैदा हो गया है।
यमुना के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इस बीच जुड्डो बांध से बीच-बीच में पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार सुबह जुड्डो बांध से पानी छोड़ने के बाद यमुना का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में कालसी में यमुना घाट के निर्माण के लिए धारा परिवर्तन कर बनाई गई मिट्टी की दीवार बह गई।
उसके बाद धारा सीधा निर्माणाधीन घाट तक पहुंच गई। नदी की धारा घाट के प्लेटफार्म के लिए बनाई गई दीवार से होकर बह रही है। ऐसे में अगर नदी का बहाव तेज होता है तो दीवार क्षतिग्रस्त हो सकती है। वहीं, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के हरर्बटपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज ने बताया कि घाट प्लेटफार्म के निर्माण के लिए दीवार बनाई गई थी। नदी के बहाव से दीवार को नुकसान नहीं पहुंचेगा। कार्यदायी एजेंसी को अब तक भुगतान नहीं किया गया है। अगर, निर्माण को कुछ नुकसान पहुंचता है तो ठेकेदार की ओर से दोबारा कार्य किया जाएगा।
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एक साल तक अटका रहा निर्माण
सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सात करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले यमुना घाट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। लेकिन, करीब एक साल तक घाट पर निर्माण के नाम पर एक पत्थर नहीं लगाया गया। इसी साल फरवरी में एमडीडीए को घाट का निर्माण कार्य शुरू करने की याद आई। अगर, समय से निर्माण कार्य शुरू होता तो अब तक घाट का प्लेटफार्म तैयार हो जाता।