डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शहर के 70 हजार आवासों में से 15 हजार 866 घरों को डेंगू से सुरक्षित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने दावा किया कि अगले छह दिन के अंदर पूरे शहर को सुरक्षित कर दिया जाएगा। श्री गुरुराम राय मेडिकल कॉलेज और विद्यालयों के एनसीसी और एनएसएस के लगभग 100 सदस्यों को स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता व सेनिटेशन संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दिया है। डेंगू जांच के नाम पर हो रही मनमानी वसूली पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने प्राइवेट पैथोलॉजी केंद्रों में जांच की दरें निर्धारित कर दी हैं।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि सेनिटाइजेशन की प्रक्रिया को नियोजित ढंग से बढ़ाया जाएगा, जिससे डेंगू पर जल्द से जल्द रोक लग सके। उन्होंने बताया कि पानी जमा होने के बर्तनों, टंकियों, टायरों आदि को चिन्हित कर उन्हें खाली कराने की कार्यवाही की जा रही है।
गुरुवार को श्री गुरुराम राय मेडिकल कॉलेज में जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी एवं एपिडेमियोलॉजिस्ट ने डेंगू रोकथाम व नियंत्रण की ट्रेनिंग दी। दून चिकित्सालय में अतिरिक्त वार्ड एवं 15 बेड बढ़ाकर कुल 45 बेड डेंगू वार्ड में इलाज के लिए उपलब्ध हैं। वार्ड में 15 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 792 केसों में से 725 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गए हैं।
अपर सचिव शहरी विकास नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि नगर निगम में आईएमए, सीएमओ, सीएमएस के साथ बृहस्पतिवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्राइवेट पैथोलॉजी में रैपिड टेस्ट, एनएस 1, आईजीएम एवं आईजीजी के लिए एक हजार रुपये और एलाइजा टेस्ट के लिए अधिकतम आठ सौ रुपये निर्धारित किया गया है। दो फ्लाइंग स्क्वॉड का गठन किया गया है। जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने एसडीएम स्तर के अधिकारी को इसके लिए नामित किया है, जो पैथोलॉजी लैब पर पूरी निगरानी रखेंगे।