मानसून के दौरान पहाड़ों में 7500 सड़कों को बाधा मुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 273 मशीनें और 988 मजदूरों की तैनाती की है। चारधाम यात्रा के मार्गों के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया गया है।
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जो एक्शन प्लान तैयार किया गया है, उसमें मार्ग को खोलने के अलावा वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान भी शामिल है। मार्ग बाधित होने की स्थिति में विभाग और जिला प्रशासन पारस्परिक तालमेल से ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर सकेगा।
दरअसल, मानसून के जोरदार आगाज से प्रदेश के अब तक करीब 550 मार्गअवरुद्ध हो चुके हैं। इनमें 421 सड़कें खोलने का दावा किया गया है। हर दिन जितनी सड़कें खोली जा रही हैं, अगले दिन उनसे अधिक सड़कों पर मलबा आ रहा है। भारी बारिश के कारण हो रहे भूस्खलन से गढ़वाल की लाइफ लाइन चार धाम मार्ग भी अछूता नहीं है। भारी मलबा आ जाने से गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग जगह-जगह से बाधित हो रहा है।
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चारधाम मार्ग के लिए वैकल्पिक मार्ग
badrinath highway
चारधाम मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्तों का एक रोड मैप तैयार किया गया है। मार्ग खोले जाने तक ट्रैफिक को इन वैकल्पिक रास्तों पर डाइवर्ट किया जा सकेगा।
ऋषिकेश-बदरीनाथ रोड के विकल्प
ऋषिकेश- बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-58 यदि ऋषिकेश-ब्रहमपुरी के मध्य बाधित हुआ तो गरूड़चट्टी से लक्ष्मणझूला और बैराज मार्ग विकल्प होगा। ऋषिकेश से देवप्रयाग मार्ग अवरूद्ध होने पर देवप्रयाग-गजा, खाड़ी, नरेंद्रनगर-ऋषिकेश से, देवप्रयाग-पौड़ी-कोटद्वार से और देवप्रयाग-बागवान-मलेथा-गडोलिया-नई टिहरी-चंबा से ऋषिकेश निकला जा सकता है। बागबान से श्रीनगर के बीच बाधा आने पर खांकरा-खेड़ाखाल-छातीखाल-डुंगरीपंत का विकल्प है जबकि रुद्रप्रयाग से कर्णप्रयाग के मध्य अड़चन होने पर कर्णप्रयाग-गैरसैंण, रानीखेत-हल्द्वानी व पैठाणी- बुआखाल- कोटद्वार और कर्णप्रयाग से चमोली के बीच बाधा आने पर चमोली-गोपेश्वर-चोपता-कुंड-रूद्रप्रयाग से निकला जा सकता है। केवल चमोली-बदरीनाथ का कोई विकल्प नहीं है।
ऋषिकेश-केदानाथ के विकल्प
badrinath highway
रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड के बीच बाधित होने पर रूद्रप्रयाग-तिलवाड़ा-घनसाली-टिहरी-ऋषिकेश। तिलवाड़ा-कुंड बंद होने पर कुंड-चोपता-गोपेश्वर-चमोली, कुंड से गुप्तकाशी बंद होने पर गुप्तकाशी-मयाली-घनसाली-टिहरी- ऋषिकेश का विकल्प होगा।
ऋषिकेश से गंगोत्री के विकल्प
ऋषिकेश-चंबा-उत्तरकाशी-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पांच स्थानों पर बाधित होने का खतरा है। ऋषिकेश से खाड़ी बंद होने पर ऋषिकेश-देवप्रयाग-गजा-खाड़ी विकल्प है। खाड़ी-चंबा बाधित होने पर चंबा-गजा-खाड़ी विकल्प है। चंबा से नगुण बंद होने पर नगुण-भवान-मसूली-देहरादून का विकल्प है। नगुण-धरासू बैंड बाधित होने पर धरासू बैंड-बड़कोट- देहरादून विकल्प है। धरासू बैंड से उत्तरकाशी बाधित होने पर उत्तरकाशी-प्रतापनगर-घनसाली-टिहरी विकल्प है। उत्तरकाशी से गंगोत्री के बंद होने पर कोई और विकल्प नहीं है।
ऋषिकेश-देहरादून-मसूरी-बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग के बाधित होने पर गंतव्य तक पहुंचने के चार वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। यमुना ब्रिज से नैनबाग के बीच बाधित होने पर यमुना ब्रिज-लखवाड़ बैंड-लक्स्यार-नैनबाग का विकल्प है। नैनबाग-नौगांव बाधित होने पर नौगांव-पुरोाल-त्यूनी-चकराता-देहरादून का विकल्प होगा। इसके अलावा बर्नीगाड-लाखामंडल-चकराता-देहरादून भी एक विकल्प है। नौगांव से बड़कोट का विकल्प नौगांव घाटी से राजगढ़ी का विकल्प है। बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग बाधित होने पर कोई विकल्प नहीं है।
बाधित सड़कों को खोलने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। विभाग प्रमुख व जिलाधिकारियों को पहले ही दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। चारधाम मार्ग को खोलने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। अवरुद्ध मार्गों के खुलने तक वैकल्पिक मार्गों का एक रोड मैप भी तैयार किया गया है।
- ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव (पीडब्ल्यूडी)
अब तक करीब 550 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें 421 खोल दी गई हैं। शेष सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर कार्य चल रहा है। चारधाम मार्ग सहित लोनिवि की करीब 7500 सड़कों को निर्बाध रखने के लिए लोनिवि की 273 मशीनें और 988 मजदूरों को तैनात किया गया है।
- एच.के. उप्रेती, प्रमुख अभियंता, विभागाध्यक्ष, (पीडब्ल्यूडी)