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मातृसदन में आमरण अनशन पर बैठीं साध्वी पद्मावती, गंगा रक्षा के लिए एक्ट बनाने की मांग

Sun, 15 Dec 2019 11:15 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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साध्वी पद्मावती - फोटो : फाइल फोटो
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हरिद्वार में मातृ सदन की अनुयायी साध्वी पद्मावती आज से गंगा रक्षा के लिए एक्ट बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने वादा खिलाफी की है। केंद्र सरकार को जल्दी ही गंगा एक्ट बनाना चाहिए। इसके अलावा उत्तराखंड में प्रस्तावित चार जल विद्युत  परियोजनाओं को तुरंत निरस्त करने की भी मांग उठाई।  

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उन्होंने कहा कि बार-बार वादा करने के बाद भी गंगा में समुचित जल नहीं छोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृ सदन के पत्र पर जून के महीने में तुरंत कार्रवाई की थी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने मातृ सदन की सभी मांगों को मान लेने की बात दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल से कही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उदासीन बनी हुई है।

स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि जब रायवाला से भोगपुर तक गंगा और सहायक नदियों में खनन पर रोक लगाने की बात लिखित में कही गई है तो फिर श्यामपुर में खनन कैसे शुरू कराया गया।

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दो संत दे चुके प्राणों की आहुति

उन्होंने कहा कि अब जब राज्य सरकार हरिद्वार में गंगा में खुलेआम अवैध खनन करा रही। इसलिए ही उनके आश्रम की अनुयायी साध्वी पद्मावती ने गंगा की रक्षा के लिए अनशन करने का निर्णय लिया है।

बता दें कि मातृसदन में दो संत गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे चुके हैं।  वर्ष 2011 में ब्रह्मचारी निगमांनद ने गंगा में अवैध खनन बंद करने की मांग को लेकर अनशन किया था। बाद में उनका देहावसान हो गया था।

इसी तरह वर्ष 2018 में जाने-माने वैज्ञानिक रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ जीडी अग्रवाल ने भी गंगा की रक्षा के लिए अनशन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान किया था।
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यह हैं साध्वी की छह प्रमुख मांगें

-गंगा पर निर्माणाधीन और प्रस्तावित बांधों को निरस्त किया जाए।
-आईआईटी के विशेषज्ञों के अध्ययन के मुताबिक गंगा में 50 प्रतिशत प्रवाह निरंतर जारी रखा जाए।
-गंगा और सहयोगी नदियों में खनन को लेकर एनएमसीजी की ओर से जारी किए गए सभी आदेशों का पालन कराया जाए ।
-गंगा को बचाने के लिए अध्यादेश लाना पड़े तो उसे भी तुरंत लाया जाए, ताकि राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों का गंगा के मामले में हस्तक्षेप बंद हो।
-गंगा एक्ट बनाने और इस पर विस्तृत चर्चा के लिए मातृ सदन सहित समान विचारधारा वाली संस्थाओं को शामिल किया जाए।
-हरिद्वार के एसएसपी सेंथिल अबुइर्द  कृष्णराज को तुरंत निलंबित किया जाए।
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