साध्वी का कहना था कि पूर्व के दो अनशनकारियों की तरह उनकी भी हालत खराब बता प्रशासन उन्हें भी जहर देकर मार देगा। काफी देर तक इसे लेकर तर्क-वितर्क चलते रहे। सूचना पर सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी, डीआईजी अरुण मोहन जोशी, चिकित्सा अधीक्षक केके टम्टा, डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री, एसपी सिटी श्वेता चौबे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी वहां पहुंची।
अधिकारियों ने साध्वी को समझाने का प्रयास किया। साथ ही मातृसदन के पदाधिकारियों से भी बात की। जिस पर साध्वी ने जांच के लिए सैंपल दे दिए। सीएमओ के निर्देश पर साध्वी को एम्स रेफर करने का निर्णय हुआ। इस बीच जांच रिपोर्ट आने पर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणजीत सिंह और सीनियर फिजिशियन डॉ. विजय भंडारी ने साध्वी को स्वस्थ बताया तो सीएमओ ने डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए।
भर्ती करने पर डीएम ने किया जवाब तलब
जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने रात को साध्वी को भर्ती करने और अब डिस्चार्ज करने पर सीएमओ से जवाब तलब किया। इस पर सीएमओ ने डॉक्टरों से जवाब मांग कर रात की परिस्थितियों को देखते हुए भर्ती करने का फैसला लिए जाने का तर्क दिया। जिस पर देर शाम साध्वी को डिस्चार्ज किया गया। देहरादून स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों का कहना था कि हरिद्वार जिला अस्पताल में फिजिशियन और जरूरी जांचें उपलब्ध हैं। ऐसे में साध्वी को हरिद्वार से दून अस्पताल रेफर करने पर सवाल उठ रहे हैं।