साधु की जेब में दिखे पैसे तो लालच में आ गए
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरिद्वार में ही कुछ समय पहले मिले थे और साथ में शराब व गांजा पीते थे। 13 अप्रैल की रात दोनों ने हरकी पैड़ी के पास शराब पी और वहीं सो गए। अगली सुबह 14 अप्रैल को भूख लगने पर वे काम की तलाश में मोतीचूर तिराहे की ओर गए, जहां उन्होंने गांजा पिया। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक साधु से हुई। बीड़ी मांगने पर जब साधु ने जेब से बीड़ी निकाली तो उसके साथ काफी पैसे भी नजर आए, जिसे देखकर दोनों के मन में लालच आ गया। जब उन्होंने पैसे मांगे तो साधु ने मना कर दिया और उन्हें डांटकर भगा दिया। इससे दोनों आरोपी गुस्से में आ गए और साधु का पीछा करने लगे।
साधु मोतीचूर रेलवे स्टेशन से होते हुए सूखी नदी के रास्ते जंगल की ओर चला गया। आरोपियों ने उसका पीछा किया और जब वह जंगल में शौच के लिए बैठा, तभी दोनों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद दोनों ने बड़े पत्थरों से साधु के सिर पर कई वार किए। साधु के चीखने पर भी वे नहीं रुके और तब तक हमला करते रहे, जब तक वह पूरी तरह शांत नहीं हो गया। हत्या के बाद आरोपियों ने उसकी जेब से पैसे निकाले और सूखी नदी के रास्ते फरार हो गए।
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पहचान अब भी नहीं, पुलिस कर रही प्रयास
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान है। फिलहाल उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम की मुस्तैदी, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार चेकिंग अभियान के चलते 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा संभव हो पाया।