एक माह पहले तक सैलानियों के लिए तरस रही पहाड़ों की रानी अब पर्यटकों की आमद से परेशान है।
समुचित व्यवस्थाएं नहीं होने से रविवार को सैलानी देहरादून की सीमा में प्रवेश करने के साथ ही परेशान होने लगे। हालात यह रहे कि कई लोग मसूरी जाने के बजाए घर चले गए।
पर्यटकों को अव्यवस्थाओं से दो चार होना पड़ा
कई रास्तों में घंटों जाम में फंसे रहे और गर्मी की मार झेलते रहे। जो जो मसूरी पहुंचे भी तो उन्हें रहने आदि की अव्यवस्थाओं से दो चार होना पड़ा।
रविवार को मसूरी में सैलानियों की भीड़ उमड़ने से सारी व्यवस्थाएं तार-तार हो गईं। जाम से लेकर पानी तक को हाहाकार मचा रहा। होटल और पेइंग गेस्ट हाउस वालों की खूब मनमानी चली।
पुलिस प्रशासन पर्यटकों की भीड़ के सामने बौने नजर आए। परेशानियों को देखते हुए काफी संख्या में पर्यटक शनिवार को ही लौट गए थे। बड़ी संख्या में लोगों ने रविवार को चेकआउट किया।
वहीं रविवार को मसूरी से कोठालगेट तक घंटों जाम लगा रहा। वीकेंड पर भीड़ बढ़ने से होटल और पेइंग गेस्ट हाउस वालों ने मनमाने दाम वसूले।
जिन होटलों के वेबसाइट और ऑनलाइन बुकिंग हैं, उन होटल के टैरिफ कई छोटे और मझोले होटलों से कम रहे। कमरों के दाम आसमान छूते रहे। कोठालगेट से मसूरी तक जाम से परेशान पर्यटकों को होटलों में हाउस फुल के बोर्ड नजर आए।
ताजा हो गई 1992 की वह रात
पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पर्यटन नगरी में इस सीजन रिकार्ड सैलानी उमड़ रहे हैं। जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह में सर्वाधिक पर्यटक आए हैं।
जून के महीने ने तो 15 अगस्त 1992 की याद ताजा कर दी। बताते हैं उस साल देर रात को मालरोड के हवा घरों पर लोगों ने रात गुजारी थी।
शिकायत पर विजिटर रजिस्टर खंगाले
पेइंग गेस्ट हाउस और होटल वालों द्वारा ओवर टैरिफ की शिकायत मिलने पर रविवार को क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी योगेंद्र गंगवार और नायब तहसीलदार बीरेंद्र कुमार ने कई गेस्ट हाउस और होटलों के विजिटर रजिस्टरों का निरीक्षण किया।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने बताया कि कुछ होटल और पेइंग गेस्ट हाउस में अनियमितताएं पाई गईं। उनको नोटिस जारी किया जाएगा।