कर्णप्रयाग ब्लॉक के सेम रामबोरी गांव के नीचे स्थित सेम गदेरे में भूस्खलन सक्रिय है। ऐसे में गांव के करीब 70 आवासीय भवनों को खतरा है।
कई मकानों पर आपदा के दौरान दरारें आ गई थी। जिससे ग्रामीण अपने ही आवासीय भवनों पर डर के साए में रात गुजार रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि तहसील कर्णप्रयाग और जिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराने के बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आवासीय भवन में भू-धंसाव
रामबोरी गांव निवासी भवानी दत्त के आवासीय भवन में भू-धंसाव हो रहा है। स्थानीय ग्रामीण तेजवीर कंडेरी का कहना है कि गांव में एक भी आवासीय भवन रहने लायक नहीं रह गए हैं।
गांव को विस्थापित कराना बेहद जरूरी हो गया है। ग्रामीण राकेश पुरोहित, अनूप पुरोहित, सुजान सिंह कंडेरी, लखपत कंडेरी, वीरेंद्र, भुवन और अनिल का कहना है कि 24 जुलाई को तेफना गदेरे में बादल फटने के बाद से ही गांव में भू-धंसाव हो रहा है।
गांव के इर्द-गिर्द सुरक्षा दीवार
इधर, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन का कहना है कि एसडीएम को प्रभावित गांवों की स्थिति के बारे में सूची मांगी गई है।
आपदा प्रभावितों को मनरेगा के तहत गांव के इर्द-गिर्द सुरक्षा दीवार, पैदल रास्ते और पुश्तों के निर्माण करने के लिए कहा गया है। खंड विकास अधिकारी कार्यों की देखरेख करेगा। रामबोरी गांव के बारे में जानकारी ली जाएगी।