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जरूरत की चीजों पर चला डॉलर का चाबुक

Mon, 02 Sep 2013 07:13 PM IST
अमर उजाला, प्रवेश कुमारी, देहरादून
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आम आदमी की थाली भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुए रुपए की मार से अछूती नहीं है। आयातित दालों और तेल पर भी रुपए की मार पड़ रही है। इनकी कीमतों में 10 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है।
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इसकी देखा-देखी गैर-आयातित तेलों और दाल की कीमतें भी इससे प्रभावित हुई हैं। मलेशिया जैसे देशों से तेल देश में आ रहा है।

बाजार में इनकी अच्छी खपत
स्थानीय उत्पादन ‘न’ के बराबर होने की वजह से बाजार में इनकी अच्छी खपत है। जानकारों का मानना है कि अगर रुपये में एक-दो बार और इसी तरह का उछाल आता है तो आवश्यक वस्तुओं के दामों को संभालना बेहद मुश्किल होगा।

ग्राहकों की मजबूरी
रुपए के स्तर में पहले की अपेक्षा थोड़ी मजबूती आई है, लेकिन हालिया उछाल की वजह से जो दाम बढ़ गए हैं, वह चुकाना ग्राहकों की मजबूरी होगी। अगर एक-दो उछाल और रुपए को मिल जाते हैं तो बेहद मुश्किल हो जाएगी।
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-अंकुर गोयल, एक डिपार्टमेंटल स्टोर केसंचालक।

दालें कैसे छोड़ दें
महंगाई लगातार बढ़ रही है। दिक्कत यह है कि आम आदमी की जरूरतों की चीजों पर इसका चाबुक चल रहा है। सरकारी मशीनरी महंगाई पर लगाम लगा पाने में नाकाम है। तनख्वाह बढ़ती नहीं। गुजारा मुश्किल है। दालें, ताल कैसे छोड़ दें।

दालों के भाव (प्रति किलो रुपए में)
दाल मूल्य काली मसूर 65 काली उड़द 92 दाल चना 75 मूंग दाल 110 अरहर/तुअर 90 मूंग छिलका 90 मूंग साबुत 95 लाल मसूर 70 उड़द 91 काबली चना 100

विभिन्न तेलों के रेट (प्रति लीटर रुपए में)
तेल कीमत मस्टर्ड आयल 132 ओलिव आयल 475-650 रिफाइंड आयल 115-145 सोयाबीन आयल 110 सनफ्लावर आयल 115-165 वेजिटेबल आयल 99-110
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