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शहजाद की भाजपा या कांग्रेस में शामिल होने की सियासी चर्चाएं हो रहीं तेज

Mon, 16 Jul 2018 08:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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mohd shazad
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बसपा से निष्कासित मो.शहजाद कह रहे हैं कि वह 2017 वाली भूमिका में फिर पहुंच गए हैं। यानी किसी दल से उनका कोई वास्ता नहीं, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है। भाजपा और कांग्रेस के विकल्पों को सामने रखते हुए मोहम्मद शहजाद की नई पारी के कयास लगाए जा रहे हैं।

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अभी तक कोई तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है लेकिन स्थितियों के बीच, सियासी दलों में उन्हें लेकर एक हिचक भी दिख रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल साफ कर रहे हैं कि उनके पास शहजाद से जुड़ा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि शहजाद के यहां सीएम और अन्य मंत्री शादी में जरूर गए हैं, लेकिन उनके भाजपा में आने की फिलहाल कोई बात नहीं है। शहजाद के यहां विवाह समारोह में शरीक हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी इसी तरह की बात कर रहे हैं।
 
कांग्रेस बनाम शहजाद 
मो. शहजाद को लेकर कांग्रेस में अलग तरह की स्थिति है। हरिद्वार की राजनीति में खासी दिलचस्पी रखने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ शहजाद के अच्छे संबंध कभी नहीं रहे हैं। ये ही कारण रहा है कि हरीश रावत सीएम रहते हुए उन्हें कांग्रेस में नहीं ला पाए। इसके विपरीत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के साथ शहजाद के पुराने संबंध हैं। प्रीतम इसे खुले तौर पर स्वीकार भी करते हैं। कुनबा बढ़ाने की मशक्कत में जुटी कांग्रेस अब प्रीतम सिंह की अगुवाई में शहजाद को लेकर कितना आगे बढ़ती है, ये देखने वाली बात होगी।
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भाजपा बनाम शहजाद 
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के साथ मो. शहजाद के वर्षों पुराने संबंध रहे हैं। ये संबंध ही हरिद्वार के कुछ विधायकों को नागवार गुजरते हैं। शहजाद का पूर्व में विधानसभा क्षेत्र बहादराबाद रहा है, जो कि अब लक्सर सीट का हिस्सा है। लक्सर सीट पर विधायक संजय गुप्ता के साथ उनकी सियासी अदावत है। शहजाद को भाजपा में लाने के प्रयास होते हैं तो गुप्ता और उनके समर्थक विधायकों के गुस्से को भी भाजपा को ध्यान में रखना होगा। भाजपा नेतृत्व इन सारी स्थितियों में क्या सोचता है, इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।

...तो क्या दोनों ने की मायावती से शिकायत
देहरादून। सियासी गलियारों में यह चर्चा बहुत तेजी से फैल रही है कि मो. शहजाद की शिकायत कुछ भाजपाइयों ने मायावती से की थी। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि सीएम और अन्य मंत्रियों के मोहम्मद शहजाद के घर जाने से कुछ दिन पहले ही कुछ भाजपाइयों ने मायावती तक ‘अहम बातें’ पहुंचा दी थी। इसमें बताया गया था कि किस तरह से मोहम्मद शहजाद की भाजपा के साथ ‘खिचड़ी’ पक रही है। इधर सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि जिपं अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर भाजपा और शहजाद की खिचड़ी की शिकायत एक सप्ताह पहले ही हरिद्वार जिले के एक कांग्रेसी नेता ने मायावती तक पहुंचाई थी। चर्चा है कि ये कांग्रेसी आने वाले दिनों में हाथ छोड़कर हाथी की सवारी कर सकते हैं।

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