जौनसार-बावर में करीब 700 बीघा भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला गरमा गया। भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर रुद्रसेना देवभूमि उत्तराखंड-हिमाचल ने शुक्रवार को चकराता और त्यूणी तहसीलों में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने न्यायालय में अपना लिखित पक्ष रखते हुए भूमि अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई है।
संगठन का आरोप है कि वर्ष 1983 में भूमि अभिलेखों में धांधली कर नियम विरुद्ध तरीके से बाहरी व्यक्तियों के नाम दर्ज किए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी (त्यूणी) को बेदखली की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकरण में नोटिस जारी होने के बाद शुक्रवार को संगठन के कार्यकर्ता अपना पक्ष रखने न्यायालय परिसर पहुंचे। चकराता में संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी, कार्यकारी अध्यक्ष अंकित तोमर और महामंत्री सचिन खन्ना की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। हालांकि, चकराता में उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति पर संगठन ने गहरी नाराजगी भी जताई। वहीं, त्यूणी में अध्यक्ष मनोज बिजल्वाण के नेतृत्व में प्रदर्शन कर अवैध कब्जे जल्द हटाने की मांग की गई।
पदाधिकारियों से अभद्रता, पुलिस को दी तहरीर
रुद्रसेना के संस्थापक राकेश तोमर ने बताया कि संगठन जनजातीय क्षेत्र की भूमि और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि मामले की पैरवी के दौरान बिन्याबीन और जाकिर नामक दो व्यक्तियों ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ अभद्रता की। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने चकराता कोतवाली पहुंचकर दोनों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध कब्जा प्रमाणित होता है, तो भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए।