फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुद्रपुरः भीषण ठंड में रेलवे स्टेशन पर पड़ी मिली नवजात बच्ची, लोगों ने नाम रखा उजाला

Mon, 27 Jan 2020 02:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती नवजात बच्ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गणतंत्र दिवस की रात रुद्रपुर रेलवे स्टेशन एक व्यक्ति चलती ट्रेन में नवजात बच्ची को एक यात्री की गोद में डालकर भाग गया। यात्री ने चेन खींचकर ट्रेन रोकने के बाद मासूम को आरपीएफ चौकी में सौंपा। मध्यरात्रि में समाजसेवियों ने नवजात को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 

विज्ञापन


रविवार रात करीब 10:15 बजे जैसे ही रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से रानीखेत एक्सप्रेस चलने लगी तभी सामने से बच्ची को लेकर दौड़ते आ रहे एक व्यक्ति ने सामान्य कोच के गेट पर खड़े यात्री को उसका बच्चा पकड़ने को कहा ताकि वह ट्रेन में चढ़ सके, लेकिन जैसे ही गेट पर खड़े यात्री ने उसकी मदद के लिए बच्ची को गोद में पकड़ा, वैसे वह भाग गया।

इस पर वह सकते में आ गया और उसने चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया। यात्री ने बच्ची को रेलवे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ चौकी इंचार्ज आरके भारद्वाज ने इसकी सूचना सखी वन स्टॉप सेंटर में दी। इस पर कोतवाल केसी भट्ट एवं समाजसेवी रजनीश बत्रा वहां पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

बच्ची का निःशुल्क इलाज होगा

इसके बाद समाजसेवी बत्रा नवजात को लेकर जिला अस्पताल में पहुंची लेकिन चिकित्सकों ने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की ओर से सुपुर्दगी आदेश न होने की बात कहकर बच्ची को भर्ती नहीं किया। इसके बाद रजनीश बत्रा बच्ची को लेकर अमृत हॉस्पिटल पहुंची। तड़के 3:30 बजे मासूम को एनआईसीयू में भर्ती किया गया। 

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा तोमर बिष्ट ने कहा कि बच्ची स्वस्थ है, लेकिन वजन 2.20 किग्रा है, जो कि सामान्य से कम है। बच्ची की उम्र करीब 10 दिन लग रही है। अस्पताल के सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि बच्ची को एनआईसीयू में नि:शुल्क रखा जाएगा। समाजसेवी बत्रा और सुशील गाबा ने कहा कि बच्ची रात के अंधेरे में मिली, इसलिए इसका नाम उजाला रखा है।

कहा कि कुछ नि:संतान दंपती ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है। उधर, चाइल्ड हेल्प लाइन की प्रोग्राम मैनेजर पुष्पा कांडपाल व सेंटर कोआर्डिनेटर शायरा बानो ने कहा कि बच्ची को शिशु गृह देहरादून, केदारपुरम ले जाया जा रहा है। यदि तीन माह की अवधि में बच्ची के अभिभावक नहीं पहुंचते हैं, तो इसके बाद नियमानुसार गोद लिया जा सकता है। उधर, कोतवाल भट्ट ने कहा कि उन्हें सखी वन स्टॉप सेंटर ने बच्ची मिलने की सूचना दी थी। बच्ची को छोड़कर भागने वाले व्यक्ति का पता नहीं चल सका है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें