इसके बाद समाजसेवी बत्रा नवजात को लेकर जिला अस्पताल में पहुंची लेकिन चिकित्सकों ने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की ओर से सुपुर्दगी आदेश न होने की बात कहकर बच्ची को भर्ती नहीं किया। इसके बाद रजनीश बत्रा बच्ची को लेकर अमृत हॉस्पिटल पहुंची। तड़के 3:30 बजे मासूम को एनआईसीयू में भर्ती किया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा तोमर बिष्ट ने कहा कि बच्ची स्वस्थ है, लेकिन वजन 2.20 किग्रा है, जो कि सामान्य से कम है। बच्ची की उम्र करीब 10 दिन लग रही है। अस्पताल के सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि बच्ची को एनआईसीयू में नि:शुल्क रखा जाएगा। समाजसेवी बत्रा और सुशील गाबा ने कहा कि बच्ची रात के अंधेरे में मिली, इसलिए इसका नाम उजाला रखा है।
कहा कि कुछ नि:संतान दंपती ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है। उधर, चाइल्ड हेल्प लाइन की प्रोग्राम मैनेजर पुष्पा कांडपाल व सेंटर कोआर्डिनेटर शायरा बानो ने कहा कि बच्ची को शिशु गृह देहरादून, केदारपुरम ले जाया जा रहा है। यदि तीन माह की अवधि में बच्ची के अभिभावक नहीं पहुंचते हैं, तो इसके बाद नियमानुसार गोद लिया जा सकता है। उधर, कोतवाल भट्ट ने कहा कि उन्हें सखी वन स्टॉप सेंटर ने बच्ची मिलने की सूचना दी थी। बच्ची को छोड़कर भागने वाले व्यक्ति का पता नहीं चल सका है।