महिला के बेटे पंकज सिंह ने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की यह पहली घटना है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं और उन्हें प्रतिदिन जंगल से घास लानी पड़ती है। ऐसे में गुलदार की मौजूदगी से चारा लाना भी जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, गुलदार की निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। वहीं चिकित्सक डॉ. प्रियांशी ने बताया कि महिला के हाथ और पैरों में चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य है।