रांसी-मनणी-केदारनाथ ट्रैकिंग रूट पर महापंथ में मृत ट्रैकर का शव तीसरे दिन भी रेस्क्यू नहीं हो पाया। भारी बर्फबारी के कारण हेलीकॉप्टर की उड़ान नहीं हो पाई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि शव को केदारनाथ लाने के लिए भारतीय वायु सेना के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।
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बताया कि मौसम ठीक रहा तो शुक्रवार को शव को धाम लाया जाएगा। उधर, केदारनाथ अस्पताल में भर्ती घायल ट्रैकर विक्रम मजूमदार की हालत में तेेजी से सुधार हो रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि तीन दिन से क्षेत्र में मौसम में खराब होने से शव का रेस्क्यू नहीं हो पाया है।
शव को सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक से ढककर चारों तरफ टेंट बनाया गया है। बताया कि पुलिस के सहयोग से केदारनाथ से हेलीकॉप्टर की मदद से मृत ट्रैकर का शव लाया जाना था, लेकिन महापंथ क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से मौसम खराब होने और अत्यधिक बर्फबारी के चलते रेस्क्यू नहीं हो पाया है। बताया कि शव को लाने के लिए भारतीय वायु सेना से भी संपर्क किया गया है।
दो अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के 10 ट्रैकरों का एक दल रांसी गांव से मनणी होते हुए केदारनाथ के लिए रवाना हुआ था, लेकिन दल के दो सदस्य आलोक विश्वास और विक्रम मजूमदार ने मनणी बुग्याल के निकट महापंथ पहुंचने के दौरान अत्यधिक थकान के कारण आगे चलने में असमर्थता जताई थी और वहीं पर टेंट लगा दिया था, जबकि आठ ट्रैकर उसी रात केदारनाथ पहुंच गए थे।
दो ट्रैकरों के फंसने की सूचना नौ अक्तूबर को जिला प्रशासन को मिली। इसके बाद 11 अक्तूबर को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम द्वारा महापंथ पहुंची तो पाया कि अत्यधिक ठंड से 34 वर्षीय ट्रैकर आलोक विश्वास की मौत हो चुकी है। इसके बाद टीम घायल ट्रैकर विक्रम मजूमदार को केदारनाथ लाई और भर्ती किया गया।