इस संक्रमण के कारण केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य जांच, पंजीकरण और बीमा के लिए आयोजित शिविर अगले दस दिनों के लिए स्थगित कर दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. आशीष रावत ने बताया कि घोड़ा-खच्चरों में हॉर्स फ्लू सांस के जरिये तेजी से फैलता है।
इसलिए पूरे जिले में घोड़ा-खच्चरों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। अगर, कोई पशुपालक नियम का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध पशुओं में संक्रामक और संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम 2009 (एक्स-27 ऑफ 2009) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ठीक होने में लगते हैं 20 से 25 दिन
दो दिनों में यह संक्रमण के मामले सामने आए हैं। हॉर्स फ्लू से पीड़ित जानवर 20 से 25 दिन में स्वस्थ हो जाता है। मगर कई बार कई जानवरों में संक्रमण का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।