पंच केदारों में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को भगवान रुद्रनाथ की विग्रह मूर्ति को भक्तों के दर्शनार्थ शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर परिसर में रखा गया है।
दो दिनों तक यहीं भगवान रुद्रनाथ की पूजा अर्चना होगी। 17 मई को रुद्रनाथ की डोली रुद्रनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी और 19 मई को ब्राह्ममुहूर्त में प्रात: पांच बजे विधि विधान से रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुल जाएंगे।
बुधवार को गोपीनाथ और रुद्रनाथ की पूजा अर्चना के बाद आचार्य ब्राह्मणों द्वारा भगवान रुद्रनाथ की विग्रह मूर्ति को गोपीनाथ मंदिर प्रांगण में भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया। इस दौरान गोपेश्वर गांव के भक्तों ने रुद्रनाथ भगवान को श्रृंगार और पूजा सामग्री भेंट की।
सुबह नौ बजे ब्राह्मणों ने रुद्रनाथ भगवान को बाल भोग लगाया। मंदिर समिति के अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट ने बताया कि रुद्रनाथ की डोली 17 मई को गोपीनाथ मंदिर परिसर से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास के लिए पनार बुग्याल पहुंचेगी।
18 मई को देर शाम डोली भक्तों के साथ रुद्रनाथ मंदिर पहुंचेगी। इस मौके पर रुद्रनाथ के पुजारी हरीश भट्ट, मयंक तिवारी, जनार्दन प्रसाद तिवारी, सुनील तिवारी, ऊषा भट्ट, रामेश्वर प्रसाद आदि मौजूद थे।