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Exclusive: बदरीनाथ आस्था पथ पर विकसित होंगे रुद्राक्ष वन, दिखेगा आध्यात्म और प्रकृति का अनूठा संगम

Sun, 10 May 2026 01:32 PM IST
Alka Tyagi प्रमोद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर (चमोली)

सार

वन विभाग अलकनंदा नदी के किनारे भी कुछ स्थानों पर रुद्राक्ष वन विकसित करने की योजना बना रहा है। इससे नदी तटीय क्षेत्रों की सुंदरता बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
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बदरीनाथ धाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बदरीनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों को अब यात्रा मार्ग पर ही आध्यात्म और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। वन विभाग बदरीनाथ धाम के आस्था पथ पर रुद्राक्ष वन विकसित करने की तैयारी में जुट गया है। अलकनंदा वन प्रभाग की ओर से इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर करीब 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर रुद्राक्ष के पौधों को रोपा जाएगा। इसी के साथ ही बदरीनाथ हाईवे और आसपास के धार्मिक स्थलों के मार्गों पर धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पौधों को भी रोपित किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को पूरे यात्रा मार्ग में आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिले। इसके तहत पीपल, बरगद, भोजपत्र, बेलपत्री, आम, देवदार, सुरांई और पदम जैसे पौधे रोपे जाएंगे।

वन संरक्षक (गढ़वाल) आकाश वर्मा ने बताया कि बदरीनाथ धाम के आस्था पथ को धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष स्वरूप देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। योजना के धरातल पर उतरने के बाद बदरीनाथ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं के लिए आस्था, प्रकृति और संस्कृति का अनोखा केंद्र बन सकेगा।
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ऑलवेदर रोड परियोजना निर्माण से नष्ट हुए पेड़
बदरीनाथ हाईवे पर ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम तक ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के चलते हाईवे किनारे कई धार्मिक महत्व के पेड़ों को नष्ट किया गया। खासकर पीपल, आम, बरगद और पदम के पेड़ हटाए गए। ज्योतिर्मठ से नीती गांव तक हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान देवदार, भोजपत्र और बुरांस के पेड़ बड़ी मात्रा में नष्ट किए गए। बदरीनाथ हाईव पर नंदप्रयाग, बिरही, भीमतला, पाखी गरुड़गंगा, हेलंग जैसे यात्रा पड़ावों में तीर्थयात्री इन पेड़ों की छांव में बैठकर थकान मिटाते थे। मौजूदा समय में हाईवे किनारे स्थानीय प्रजाति के पेड़ों का अभाव है। 
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