दून में राजपुर रोड स्थित एक धार्मिक स्थल में चकराता क्षेत्र के 35 परिवारों को धर्म परिवर्तन किए जाने की खबर पर वीर सावरकर युवा संगठन और छात्रों ने धार्मिक स्थल के बाहर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
देर रात चकराता क्षेत्र के इन परिवारों को वाहनों से वापस भेज दिया गया। हालांकि पुलिस धर्म परिवर्तन जैसे किसी घटना से इनकार कर रही है। चकराता क्षेत्र के कालसी, त्यूनी और साहिया के करीब 35 परिवार तीन वाहनों में सवार होकर मंगलवार को दून के राजपुर रोड स्थित एक धार्मिक स्थल पर पहुंचे थे।
इसी बीच इन लोगों का धर्म परिवर्तन कराए जाने की खबर फैल गई। वीर सावरकर युवा संगठन के संस्थापक कुलदीप स्वेडिया, महानगर अध्यक्ष सुमन पंवार, सुनील शर्मा और अखंड प्रताप की अगुवाई में जौनसार के छात्र श्याम सिंह चौहान, प्रदीप तोमर, गजेन्द्र सिंह भी मौके पर आ गए। उन लोगों ने धर्म परिवर्तन कराए जाने का आरोप लगाते हुए धार्मिक स्थल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। युवा संगठन के पदाधिकारियों ने एसएसपी डा. सदानंद दाते के अलावा खुफिया विभाग के अधिकारियों से धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत की।
एसएसपी ने शहर कोतवाली की धारा चौकी पुलिस को मौके पर भेज दिया। पुलिस और एलआईयू की टीम ने धार्मिक स्थल के अंदर पहुंचकर मौजूद लोगों से बातचीत की। काफी देर बाद उन्हें वापस जाने के लिए राजी किया गया। इन लोगों को वहां से निकालकर वाहनों से कहीं भेज दिया गया। युवा संगठन के कुलदीप स्वेडिया का कहना है कि उन्हें धर्म परिवर्तन की इस साजिश की जानकारी कई दिन पहले हो गई थी, लेकिन स्थान का पता लगाने में उन्हें समय लग गया। सही समय पर कार्रवाई होने की वजह से धर्म परिवर्तन टल गया।
चकराता क्षेत्र के लोगों का धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की तो इसी की पुष्टि नहीं हो सकी। मौजूद लोगों ने अपने बयानों में कहा है कि वह तो परिवार के साथ धार्मिक स्थल में घूमने के लिए आए थे।
- डा. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
Published By : Nirmala Suyal