किसानों के कर्ज माफी मुद्दे पर विपक्ष ने बुधवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने विधानसभा अध्यक्ष से नियम 310 के तहत किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की बात कहे जाने पर विपक्ष के विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने धरने पर भी बैठ गए। इस वजह से सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया।
बुधवार को सुबह 11 बजे से जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि किसानों को उपज मूल्य के साथ-साथ लाभांश भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा अब केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली यह कह रहे हैं कि राज्य अपने संसाधनों से किसानों का कर्ज माफ करें। ऐसे में राज्य सरकार स्पष्ट करें कि वह किसानों का कर्ज कब माफ करेगी।
क्योंकि अब प्रदेश में किसान आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। रुड़की में किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सरकार ने अगर कर्ज माफी का एलान नहीं किया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन की आग भड़क सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे पर चर्चा कराने की बात कहने पर विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 11.30 बजे तक के लिए स्थगित क र दी गई। इसे दो बार 15-15 मिनट के लिए बढ़ा दिया गया।
12 बजे जब फिर से कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन को फिर से 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह से पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया।