आरटीई के तहत निर्धन और वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को नजदीकी निजी विद्यालय की पहली कक्षा में प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए अभिभावकों को ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद विद्यालयों में रिक्त सीटों के अनुसार बच्चों का प्रवेश किया जाएगा। इसमें प्रवेश प्रक्रिया देहरादून, हरिद्वार व चमोली में ऑनलाइन और अन्य सभी जिलों में ऑफलाइन होगी।
आरटीई के तहत एडमिशन में अनियमितता की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस बार शिक्षा विभाग ने प्रवेश से पहले सभी प्रमाणपत्रों की अनिवार्य जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत बच्चे का प्रवेश उसी वार्ड के विद्यालय में किया जाएगा, जहां उसका निवास होगा।