अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन की कोठी में पड़ी डकैती के मामले में पकड़े गए छठे आरोपी हैदर के पास से पुलिस ने लूटे गए नौ लाख 65 हजार रुपये और जेवरात बरामद किए हैं। हैदर को बुधवार को बिजनौर के चांदपुर से दबोचा गया था। तीसरे पहर कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया। गिरोह के सरगना वीरेंद्र ठाकुर ने हैदर को दत्तक पुत्र बनाकर अपने घर में रखा हुआ था। उधर फरार फहीम और मिश्रा की गिरफ्तारी को पुलिस की दबिश चलती रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि आरोपी हैदर निवासी महदूद नूरपुर (बिजनौर) की गिरफ्तारी को उप निरीक्षक नरेश राठौर की अगुवाई में पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने हैदर को बुधवार शाम चांदपुर कोतवाली क्षेत्र में गिरफ्तार किया था। वहां गिरफ्तारी दर्ज कराकर हैदर को दून लाया गया। आरोपी के पास से लूट के नौ लाख 65 हजार रुपये मिले हैं। इसके अलावा कान का बुंदा, चेन, नीले और आसमानी मनके वाली माला, अंगूठी, तांबे और धातु के सिक्के आदि बरामद हुए हैं। हैदर ने मीडिया के समक्ष ईश्वरन और आरटीओ कर्मचारी के घर पर हुई लूट का पूरा घटनाक्रम बताया। उसका कहना था कि वीरेंद्र ठाकुर उसे दत्तक पुत्र मानकर अपने परिवार के साथ रखता था।
एसएसपी के मुताबिक फरार फहीम और मिश्रा की तलाश में पुलिस की दबिश चल रही है। जल्द ही उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कप्तान ने टीम में शामिल उप निरीक्षक नरेश राठौर, दीपक धारीवाल, हर्ष अरोरा, कांस्टेबल चमन, अरशद, गजेंद्र, ललित, देवेंद्र और महिला पुलिसकर्मी रश्मि को पुरस्कृत करने की घोषणा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे भी मौजूद थीं।
अब तक 20 लाख की बरामदगी
देहरादून। अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन की कोठी में पड़ी डकैती के मामले में पुलिस अब छह बदमाशाें को गिरफ्तार कर 20 लाख से अधिक की नगदी बरामद कर चुकी है। गिरोह के सरगना वीरेंद्र ठाकुर, अदनान, पीरू और फुरकान को गिरफ्तार कर 11 लाख 69 हजार की नगदी बरामद की थी। पांचवें आरोपी फिरोज से 50 हजार की नगदी और जेवरात मिले थे। अब हैदर से नौ लाख 65 हजार की बरामदगी हुई है।
एसपी ने ऑटो में पीछा कर पकड़ा था वीरेंद्र
डकैती के मास्टरमाइंड वीरेंद्र ठाकुर को एसपी सिटी श्वेता चौबे और एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने ऑटो में पीछा कर पकड़ा था। दरअसल, दिल्ली में आपरेशन के दौरान पुलिस की कई गाड़ियां अलग-अलग टारगेट पर काम कर रही थी। एसपी सिटी चौबे और इंस्पेक्टर ऐश्वर्य पाल को वीरेंद्र ठाकुर के कार से निकलने की सूचना प्राप्त हुई। उस समय कोई कार न होने के कारण दोनों ने ऑटो से ही पीछा कर उसे दबोच लिया। उस समय वह पत्नी और बेटी के साथ भागने की तैयारी में था।