आरआरआर। ये नट्टू-नट्टू वाली ट्रिपल आर फिल्म नहीं बल्कि रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज सेंटर है। देहरादून शहर में संचालित किए जा रहे इन केंद्रों पर पुराने कपड़े, खिलौने और जूते चप्पल जमा किए जा रहे हैं। जिनको पाकर दून के जरूरतमंद बच्चों और लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ रही है।
दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने सभी निकायों में आरआरआर सेंटर खोले जाने के निर्देश दिए थे। देहरादून में 17 से ज्यादा जगहों पर ये केंद्र बनाए गए हैं। स्थानीय और सक्षम लोगों ने भी इन केंद्रों को सेवा का अच्छा माध्यम बनाया है। करीब छह महीने से लेकर अब तक इन केंद्रों में पुराना सामान जमा करने वालों की अच्छी खासी तादाद देखने को मिल रही है।
देहरादून के लोगों ने नगर निगम के माध्यम से बनाए गए 17 केंद्रों पर अपने पुराने सामान जमा करने में दिलचस्पी दिखाई। इस दौरान 100 किलो से ज्यादा खिलौने, 200 से ज्यादा किताबें, 2000 किलो से ज्यादा पुराने कपड़े और सौ जोड़ी से ज्यादा जूते-चप्पल सेंटरों पर जमा किए। जिनको नगर निगम के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और लोगों को निशुल्क वितरित किया गया। नॉर्थ जोन में 15 मई से पांच जून में देहरादून का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है।
I50 जगह बनाए जाएंगे आरआरआर सेंटर
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अभी तक शहर में 17 केंद्र नगर निगम ने बनाए हैं। नगर निगम का 50 से ज्यादा जगहों पर इस तरह के कलेक्शन सेंटर खोले जाने का लक्ष्य है, ताकि लोगों को अपना पुराना सामान जमा करने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े। इसके लिए नगर निगम की ओर से लोगों से जगह उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं।
Iक्या है आरआरआर सेंटर
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रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (आरआरआर) सेंटरों पर कोई भी व्यक्ति अपनी गैर जरूरी वस्तुओं जैसे पुराने जूते-चप्पल, किताब, बोतल, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बक्से, प्लास्टिक की वस्तुएं, खिलौने आदि जमा कर सकते हैं। जरूरतमंद इन सेंटर से अपनी आवश्यकता के हिसाब से सामान ले जा सकेंगे। इसके साथ ही इन अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुएं भी बनवाई जाएंगी।
दून में 17 आरआरआर सेंटर चल रहे हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 50 के करीब की जानी है। इस पर काम किया जा रहा है। देहरादून के लोग जरूरतमंदों के लिए सामान देने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। बड़ी मात्रा में ऐसा सामान आरआरआर सेंटरों पर आ रहा है जिसका रियूज हो सकता है। - एसपी जोशी, सहायक नगर आयुक्त