हाईकोर्ट ने खनन पर रॉयल्टी बढ़ाने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। कुमाऊं स्टोन क्रशर एसोसिएशन व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की ओर से 7 अगस्त 2015 को आदेश जारी कर खनन पर रॉयल्टी बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी थी।
याचिका में दिया नियमों का हवाला
याचिका में कहा था कि राज्य सरकार ने इससे पहले 18 जून 2013 को खनिज पर रॉयल्टी बढ़ाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लंबित है।
खनन संबंधी नियम के अनुसार तीन साल से पहले रॉयल्टी को बढ़ाया या बदला नहीं जा सकता है। इसके बावजूद 7 अगस्त को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर रायल्टी बढ़ा दी गई। पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने रॉयल्टी बढ़ाने के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।