उत्तराखंड में आई आपदा के चार माह गुजर जाने के बाद भी पीपलकोटी के बंड क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो पाई हैं। गडोरा-किरुली मोटर मार्ग आज तक नहीं खुला है। जिससे ग्रामीणों को करीब आठ किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत उक्त सड़क का निर्माण 11 किमी तक हुआ है। सड़क से करीब 10 हजार आबादी लाभ उठाती है। 16-17 जून की जलप्रलय से सड़क किमी दो, चार और आठ किमी पर बह गई थी।
जिससे ग्रामीण पैदल ही सफर तय कर रहे हैं। ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी मरीजों को लाने में उठानी पड़ रही है। छात्रों को दो किमी पैदल चलकर जीआईसी गडोरा जाना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीण सुजान सिंह रावत, सुजान सिंह, अब्बल सिंह, प्रदीप फरस्वाण, अयोध्या हटवाल का कहना है कि पीएमजीएसवाई अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद भी सड़क खोलने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
केस-एक
किरुली गांव की पारेश्वरी देवी को तेज बुखार के साथ ही पेट दर्द की शिकायत हुई। 22 अक्तूबर की रात को पेट में अधिक दर्द होने से स्थानीय ग्रामीणों को उन्हें रात को ही आठ किमी तक चारपाई में लाकर पीएचसी पीपलकोटी में भर्ती कराना पड़ा। यहां से उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
केस-दो
किरुली गांव की सुमन, सरिता, किरन आदि इंटर कॉलेज गडोरा में पढ़ती हैं। 16-17 जून की आपदा से गडोरा-किरुली सड़क क्षतिग्रस्त होने से इन छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन चार किमी की दूरी तय करनी पड़ रही हैं।