नैनीताल में मल्लीताल से स्नोव्यू तक चलने वाले रोपवे केबल कार के संचालन में फिलहाल एक माह का समय लग सकता है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को रोपवे का सफर करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। मेंटेनेंस अपग्रेडेशन के बाद रोपवे का संचालन किया जाएगा।
बता दें कि केएमवीएन की ओर से संचालित रोपवे का संचालन मार्च में बंद कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते रोपवे के अपग्रेडेशन का कार्य नहीं किया जा सका। पर हालात सामान्य होते ही रोपवे की मरम्मत का काम चल रहा है, इसे पूरा होने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
इसके बाद नए सेफ्टी फ़ीचर की सुविधा संग पर्यटकों और स्थानीय लोग रोपवे में घूम सकेंगे। बता दें कि अपग्रेडेशन के बाद अब रोपवे ट्रॉली का संचालन मैनुअल की जगह ऑटो मोड में किया जाएगा। किसी कारण ट्रॉली बीच में रुकी भी तो ऑटोमैटिक टर्नल (अपने स्थान) तक सुरक्षित पहुंच जाएगी। रोपवे की मरम्मत में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
केएमवीएन को एक करोड़ का नुकसान
पर्यटन सीजन में 100 से ज्यादा लोग रोपवे का सफर करते हैं। सीजन में रोपवे संचालन से प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये की कमाई होती थी। पूरे सीजन (तीन माह) की आय करीब एक करोड़ रुपये पहुंच जाती थी। कोरोना के चलते रोपवे संचालन नहीं होने से केएमवीएन को करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा उठाना पड़ा है।
रोपवे की मेंटेनेंस अपग्रेडेशन का काम कोरोना के चलते नहीं हो पाया था। फिलहाल अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। लगभग एक माह बाद लोग रोपवे से आवाजाही कर सकते हैं।
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शिवम शर्मा, मैनेजर, रोपवे नैनीताल
मार्च से रोपवे का संचालन बंद हो चुका है। अब रोपवे मैनुअल से ऑटो मोड में तब्दील हो जाएगा। नई टेक्नोलॉजी के साथ अब रोपवे ट्रॉली कार का संचालन किया जाएगा, जिससे सेफ्टी फीचर बढ़ जाएंगे।
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अशोक कुमार, जीएम केएमवीएन