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उत्तराखंड में रोप-वे बनाने को केंद्र की पहल, इन लोकेशन पर बनेगा रोप-वे

Thu, 26 Apr 2018 09:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रोप वे
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उत्तराखंड में लंबे समय से प्रस्तावित रोप-वे परियोजनाओं के धरातल पर उतरने की संभावनाएं बन रही हैं।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर केंद्रीय टीम प्रदेश में रोप-वे की लोकेशन के संबंध में प्रदेश सरकार से फीड बैक प्राप्त किया है। तय हुआ कि है कि पोर्ट अथारिटी सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे के प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगी। इसका अलावा प्रदेश सरकार की पेशकश पर अथारिटी टिहरी झील के पास टूरिस्ट डेस्टिनेशन को चिह्नित करेगी, जो पर्यटन और पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से पूरी तरह से सुसज्जित होगा। 

अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) ओम प्रकाश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित रोप-वे परियोजनाओं पर गहन मंथन हुआ। बैठक में केंद्र से आई टीम में पोर्ट अथारिटी के अधिकारियों के अलावा सर्वे के क्षेत्र में अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय परामर्श एजेंसी मैकेंजी के प्रतिनिधि भी शामिल थे। केंद्रीय टीम ने अवगत कराया कि पोर्ट अथारिटी को रोप-वे परियोजनाओं के सर्वे का काम सौंपा गया है। सर्वे का काम मैकेंजी कंपनी कर रही है। उत्तराखंड और हिमाचल में एक-एक परियोजना का चयन होना है। 
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इन दो लोकेशन में भी हैं संभावनाएं
बैठक के दौरान नैनीताल में स्नो व्यू और चायना व्यू लोकेशन और मुक्तेश्वर को रोपवे परियोजना के लिहाज से संभावनाओं से भरपूर माना गया। इन दोनों लोकेशन का केंद्र सरकार की ओर से कामर्शियल सर्वे करा लिया गया है। 

सात रोपवे का प्रस्ताव केंद्र के पास   
ब्रिज, रोप-वे, टनल एंड अदर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (ब्रिडकुल) सात रोप वे परियोजना का प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को पिछले साल ही भेज चुका है। बैठक में इन प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य ने जिन लोकेशन पर सर्वे किया है, उनमें सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे की परियोजना कामन है।  

ये हैं वे लोकेशन जहां रोप-वे बनाए जाने हैं
घघरिया से हेमकुंड साहिब
यमुनोत्री में बीभ से खरसाली 
देहरादून से मसूरी
ऋषिकेश से नीलकंठ
स्नो पीक और 
स्नोव्यू नैनीताल

अब केंद्र करेगा प्रस्तावों पर कार्रवाई
रोप-वे पर प्रदेश सरकार की राय लेने के बाद अब केंद्र सरकार को तय करना है कि इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए इनका फंडिंग पैटर्न क्या होगा। प्रस्तावित रोप-वे केंद्र सरकार की योजनाओं या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में बनाए जा सकते हैं।
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भारत सरकार की पहल पर रोप-वे परियोजनाओं को लेकर बैठक हुई। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने प्रस्तावित लोकेशन को लेकर फीड बैक लिया है। राज्य सरकार की ओर से भी कुछ नई लोकेशन को लेकर सुझाव दिए गए हैं।
- ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री

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