रूड़की से देवबंद तक प्रस्तावित रेल परियोजना के लिए नौ गांवों की करीब 65.9722 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। जिसमें 18.2789 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
शेष भूमि किसानों का कब्जा होने से अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। यह जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा सत्र में झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में दी।
सीएम ने लिखित जवाब दिया कि रूड़की से देवबंद तक प्रस्तावित रेल परियोजना के लिए नौ गांवों की 65.9722 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए रेलवे विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए 29 करोड़ सात लाख 91 हजार 997 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। जिसमें 23 करोड़ 48 लाख 38 हजार 985 रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। बाकी राशि अवशेष है।
विधायक देशराज ने सवाल पूछता कि प्रदेश के सभी निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के पंजीकृत ठेकेदारों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। तकनीकी कार्य को तकनीकी कुशलता के आधार पर दिए जाते हैं।
उधर विधायक प्रीतम सिंह ने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से हैली सेवा के लिए निर्धारित किराये से अधिक धनराशि वसूलने का तारांकित प्रश्न पूछा। इसका मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि ऐसा नहीं है।