लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने आठ मई को पेराई सत्र समाप्त करने का पहला नोटिस जारी होने के बाद किसानों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। किसान मजदूर संगठन सोसायटी के बाद अब भारतीय किसान यूनियन ने पेराई सत्र समाप्त होने पर गहरी नाराजगी जताई है।
यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि किसानों के खेतों में 15 प्रतिशत गन्ना खड़ा है। इस गन्ने को लेने के बाद ही पेराई सत्र समाप्त किया जाए। शुगर मिलों का पेराई सत्र अंतिम चरण में चल रहा है। बृहस्पतिवार को किसान मजदूर संगठन सोसायटी ने गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल और अन्य अधिकारियों से किसानों की बची पर्चियों को एक मुश्त जारी करने की मांग की थी।
इसके बाद भाकियू के पदाधिकारियों ने सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह को ज्ञापन भेजकर बताया कि लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने आठ मई को पेराई सत्र समाप्त करने का पहला नोटिस जारी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर किसानों के खेतों में पंद्रह प्रतिशत गन्ना खड़ा है। यदि शुगर मिल का पेराई सत्र समाप्त हो जाता है तो किसानों को मजबूरन अपना बचा गन्ना कोल्हूओं में डालना पड़ेगा।
जहां पर दाम मात्र 250 रुपये प्रति कुंतल है। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा। पदाधिकारियों ने मांग की है कि संपूर्ण गन्ना लेने के बाद ही पेराई सत्र समाप्त किया जाए। वहीं चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो किसान आंदोलन को बाध्य होंगे।
ज्ञापन भेजने वालों में जिला प्रवक्ता राकेश लोहान, महावीर राठी, प्रदीप, सुरेंद्र राठी, रामपाल, मनोज, रवीश, नरेशपाल, विकास, नीटू, सुखपाल, प्रवीण, विरेंद्र, अनिल, रोहताश, यशपाल, सुभाष, ओमपाल, जीत सिंह, राहुल, दीपक, वीरसेन, विपुल, विक्रम सिंह, संदीप आदि शामिल हैं।