बताया जा रहा है कि रामपुर और पाड़ली गुज्जर को निगम से बाहर करने के लिए सरकार विधेयक का सहारा लेगी और इसके बाद चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इन सबके बीच अचानक तेज हुई चुनावी सरगर्मी के बाद भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों से टिकट के दावेदारों ने दिल्ली और देहरादून में बैठे अपने राजनीतिक आकाओं की परिक्रमा शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा हाईकमान की ओर से यहां वैश्य समाज के प्रत्याशी को टिकट देेेने का मन बना लिया है। ऐसे में इस समाज के कई दावेदार सक्रिय हो गए हैं। माना जा रहा है कि भाजपा से टिकट की दौड़ के आखिरी चरण में तीन प्रमुख दावेदारों के बीच भारी रस्साकसी होगी
टिकट पाने को संघ का सहारा
बीते वर्षों के चुनाव में संघ की पृष्टभूमि से आने वाले नेताओं को भाजपा में टिकट दिए जा रहे हैं। इसे लेकर नेताओं की एक बड़ी लॉबी संघ के साथ जुड़ी हुई है। प्रदेश से लेकर केंद्र तक आरएसएस के कई नेताओं का टिकट आवंटन में अहम रोल माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, टिकट के दावेदार पार्टी नेताओं के साथ-साथ संघ में अहम ओहदा रखने वाले वालों से संपर्क करने में भी जुट गए हैं।