लंढौरा में 2016 में सामने आया था आतंकी साजिश का मामला
लंढौरा क्षेत्र में जनवरी 2016 में उस समय सनसनी फैल गई थी जब चार युवकों को कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों की तैयारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी युवक इंटरनेट के माध्यम से विस्फोटक तैयार करने और बम बनाने से संबंधित जानकारी जुटा रहे थे । जांच में सामने आया था कि आरोपी युवक बम बनाने के लिए माचिस की तीलियों का बुरादा इकट्ठा कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर जांच एजेंसियों को उस स्थान की जानकारी दी थी जहां यह सामग्री छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद एटीएस की टीम आरोपियों को लंढौरा क्षेत्र स्थित एक खेत में लेकर पहुंची थी। वहां खेत में गड्ढा खोदकर छिपाए गए माचिस की तीलियों के बुरादे को बरामद किया गया था। उस समय इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं के कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ने की आशंकाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।
खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल
सहारनपुर से उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध नेटवर्क में रुड़की के ढंडेरा निवासी युवक मुशर्रफ का नाम सामने आने के बाद खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर किसी भी एजेंसी को कथित गतिविधियों की भनक तक नहीं लग पाई जबकि जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क के संपर्क में थे। कोई बड़ी साजिश रच रहे थे। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर्याप्त रूप से सक्रिय हैं।