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रुड़की: कलियर क्षेत्र में फैल रहा मलेरिया, मां-बेटे की मौत, दो बच्चे अस्पताल में भर्ती

Wed, 08 Sep 2021 02:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिरान कलियर(रुड़की)

सार

बरसाती सीजन में वायरल, मलेरिया, डेंगू एवं स्क्रब टाइफस बुखार के मरीज सामने आने लगे हैं। इसमें भी मलेरिया जानलेवा साबित हो रहा है। कलियर में तीन दिनों में दो लोगों की मौत हो चुकी है। 
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महिला का शव - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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मलेरिया से रुड़की क्षेत्र में एक ही परिवार में मां-बेटे की मौत हुई है, जबकि इसी परिवार के भाई-बहन अस्पताल में भर्ती हैं। कलियर क्षेत्र में रहने वाले इस परिवार के साथ-साथ आसपास के घरों में भी लोग बुखार से पीड़ित हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची है और न ही नालों की सफाई और दवा छिड़काव के इंतजाम किए जा रहे हैं। 

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बरसाती सीजन में वायरल, मलेरिया, डेंगू एवं स्क्रब टाइफस बुखार के मरीज सामने आने लगे हैं। इसमें भी मलेरिया जानलेवा साबित हो रहा है। कलियर में तीन दिनों में दो लोगों की मौत हो चुकी है। आठ दिन पहले रुड़की के आरोग्यम अस्पताल में कलियर निवासी तबस्सुम (40) पत्नी रियासत को भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां दो दिन पहले उसकी मौत हो गई।

इसी प्रकार बीते सोमवार को भी उनके बेटे आहत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी बेटी 14 वर्षीय बेटी मंतसा का रुड़की के तुलसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉ. नवीन बंसल ने बताया कि मंतसा की मलेरिया रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। साथ ही प्लेटलेट्स घटने के बाद खून की कमी की शिकायत है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जबकि मंतसा का नौ वर्षीय छोटा भाई अकदस को भी मलेरिया से पीड़ित होने पर एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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मृतक तबस्सुम के भाई तनवीर ने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट में साफ हुआ कि सभी को मलेरिया है। दो बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने से कलियर क्षेत्र में मलेरिया बुखार को लेकर भय का माहौल है। यही नहीं, परिजनों ने बताया कि उनके आसपास में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत की ओर से जांच और दवा आदि के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। 

बीमार लोगों का घट रहा ऑक्सीजन लेवल
पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि उनके मोहल्ले में जो लोग बुखार से पीड़ित हैं, उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है। साथ ही मरीज वायरल बुखार के अलावा उल्टी और शरीर में जकड़न जैसी शिकायत कर रहे हैं। ये लोग अपने स्तर पर ही अलग-अलग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। 

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सेरीब्रल मलेरिया चंद घंटों में ले सकता है जान

डॉ. नवीन बंसल ने बताया कि इलाज में देरी पर यह बुखार दिमाग पर असर करता है, जिसे सेरीब्रल मलेरिया कहा जाता है। ऐसा होने पर मरीज की चंद घंटों में ही मौत होने की आशंका पैदा हो जाती है। अगर मलेरिया का सही समय पर उपचार हो तो मरीज के ठीक होने की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक होती है। 

सीमा विवाद में फंसा नाला बना मलेरिया की जड़
कलियर के जिस क्षेत्र में मलेरिया बुखार के मरीज सामने आ रहे हैं। वहां गंदगी से अटे नाले में मच्छरों का प्रकोप है। माना जा रहा है कि इसी नाले ने मलेरिया के मच्छर पनप रहे हैं। पीड़ित परिवार के परिजन तनवीर ने बताया कि कलियर के जंवाई खेड़ा में बुखार के मरीज हैं। यह वार्ड नंबर-1 और आठ की सीमा में है। यहां के लोगों ने नगर पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर-1 में वोट डाली थी, लेकिन अब दोनों वार्डों के प्रतिनिधि इसे एक-दूसरे की सीमा में बताकर नाले की सफाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। 

ये हैं लक्षण और उपचार
डॉ. नवीन बंसल ने बताया कि मलेरिया वायरल की तरह सामान्य लक्षण वाला है। इसमें ठंड से बुखार आना और शरीर में जकड़न दर्द की शिकायत होती है। ज्यादा दिन बाद पीलिया, उल्टी व खून की कमी की शिकायत हो जाती है। सही समय पर जांच और इलाज कराने पर तीन दिन के कोर्स में ही इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। उनका कहना है कि मलेरिया से सुरक्षा के लिए दवा का छिड़काव, पानी की निकासी के अलावा पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। साथ ही खिड़की और दरवाजों पर जाली लगी हो ताकि मच्छर घर के अंदर प्रवेश न कर सकें। बुखार होने पर योग्य चिकित्सक से जांच और उपचार कराएं। 

अस्पताल में मलेरिया रोजाना आ रहे 30 मरीज
जिस तुलसी अस्पताल में मलेरिया से पीड़ित मंतसा का इलाज चल रहा है। यहां रोजाना 25 से 30 मलेरिया के मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि डेंगू के तीन से चार मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, शहर के विनय विशाल अस्पताल और दीप अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि उनके यहां मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, वायरल से पीड़ित लोगों की तादाद काफी है। विनय विशाल अस्पताल में स्क्रब टाइफस के मरीज आने शुरू हो गए हैं। डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि उनके अस्पताल में मंगलवार को स्क्रब टाइफस के तीन मरीज पहुंचे हैं। 
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