पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही घर की छत से लेकर पड़ोसी के घर की छत की भी जांच की। रसोई और अन्य कमरों की भी जांच की गई, लेकिन पुलिस को लूट या अन्य तरह का कोई साक्ष्य नहीं मिला। पुलिस ने पड़ोसी युवक से भी पूछताछ की। वहीं, मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है।
फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची
एसएसपी के निर्देश के बाद हरिद्वार से एक फोरेंसिक टीम भी गांव पहुंची। टीम ने घर के अंदर जमीन पर पड़े खून के सैंपल लिए। साथ ही चाकू पर लगे खून के सैंपल लिए। इसके अलावा चाकू से फिंगर प्रिंट भी लिए। फोरेंसिक टीम ने कमरों की भी जांच की।
बेटे और मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
माता-पिता की मौत के बाद 13 साल के बेटे वंश, मृतक सुशील की मां, पिता और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों को अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है कि दोनों उनके बीच नहीं रहे। वहीं, बालक ने पुलिस के अलावा किसी से भी बात नहीं की। वह अकेले में बैठकर कभी मां-बाप को याद कर रो रहा था तो कभी गुमसुम बैठ जाता है।
‘पापा मुझे स्कूल छोड़कर ड्यूटी चले जाना’
घटना के बाद पुलिस ने स्कूल से दंपती के बेटे वंश को भी घर बुला लिया गया। पुलिस ने वंश से मां-बाप के बीच सुबह कोई विवाद तो नहीं हुआ, इसकी जानकारी ली, लेकिन उसने इनकार कर दिया। साथ ही बताया कि पापा ड्यूटी जाने के लिए मना कर रहे थे। इस पर उसने बोला था कि मुझे स्कूल छोड़कर ड्यूटी चले जाएं।
कई दिनों से परेशान था सुशील
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि वह मिलनसार था और गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से परेशान चल रहा था। उसके चेहरे और बात करने के लहजे से लगता था कि वह किसी बात से बहुत परेशान है, लेकिन उसने किसी से अपनी परेशानी का जिक्र नहीं किया।