हरिद्वार जेल में बंद नन्हे उर्फ चिकना निवासी गांव त्रिमूर्ति थाना पारादरी जिला बरेली को जीआरपी हरिद्वार ने जहरखुरानी के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया एक कैदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। रोडवेज और रेलवे स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद उसे लक्सर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
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हरिद्वार जेल में बंद नन्हे उर्फ चिकना निवासी गांव त्रिमूर्ति थाना पारादरी जिला बरेली को जीआरपी हरिद्वार ने जहरखुरानी के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। वह हरिद्वार जेल में बंद था। वह कुछ दिन से बीमार था। उसे दो दिन पहले रुड़की सिविल अस्पताल में हर्निया के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सिपाही उसे टॉयलेट के लिए ले गया था। इसके बाद सिपाही उसे बेड पर हथकड़ी लगाकर किसी काम से वार्ड से बाहर आ गया। इसी बीच बंदी हथकड़ी निकालकर बाहर आ गया। सिपाही कुछ देर बाद वार्ड के अंदर गया तो उसे गायब देख उसके होश उड़ गए। सिपाही ने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही एसपी देहात एसके सिंह, इंस्पेक्टर ऐश्वर्यपाल अस्पताल पहुंचे और रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर उसकी तलाश की। वहीं वायरलेस सेट पर बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही लक्सर जीआरपी अलर्ट हो गई। जीआरपी ने लक्सर और रुड़की रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान कहीं भागने की फिराक में पहुंचे कैदी को पकड़ लिया गया।
चूंकि बंदी रुड़की गंगनहर कोतवाली अंतर्गत सिविल अस्पताल से फरार हुआ था इसलिए उसे गंगनहर कोतवाली लाया गया। वहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।