प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस समय गोली चली, उससे थोड़ी देर पहले ही बिजली चली गई थी और सड़क पर अंधेरा था। लिहाजा किसी ने बदमाशों को गोली मारते और भागते नहीं देखा। तत्काल मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और रामपाल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां डॉक्टरों ने शरीर से दोनों गोलियां निकाली, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं, अस्पताल पहुंचे एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह और सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने रामपाल कश्यप से घटना की जानकारी ली। एसपी देहात सिंह ने बताया कि परिवार के साथ किसी की पुरानी रंजिश की जानकारी मिली है। इसके आधार पर घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
गनीमत रही कि एक फायर मिस हो गया
बदमाशों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ जाहिर होता है कि वे पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। उनकी मंशा किसी भी कीमत पर रामपाल को मौत के घाट उतारने की थी। बदमाशों ने रामपाल को मौके पर ही मौत के घाट उतारने के लिए तीन गोलियां दागीं, लेकिन गनीमत रही कि एक गोली मिस हो गई और दो गोली रामपाल को लगी। मिस हुई गोली का खोखा घटनास्थल से बरामद हुआ है।