रोहित कहते हैं कि मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं उस इंसान का पुत्र हूं जिसे देश के लाखों लोग निस्वार्थ सेवा के लिए बेइंतहा प्यार करते हैं।
गर्व के साथ कहते हैं कि मेरे पिता ने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ी, जेल गए, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ समय बिताया। जहां मदन मोहन मालवीय जी के पीए के रूप में काम किया तो वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ भी काम किया।
वर्ष 1952 से 2009 तक मेरे पिता ने देश की पूरी ईमानदारी और लगन से सेवा की है। मुझे लगता है कि अटल बिहारी वाजपेयी और प्रणव मुखर्जी भी इस मामले में उनसे पीछे ही होंगे।