अजहर और आयुष को बृहस्पतिवार रात को मंगलौर क्षेत्र में लगी थी गोली
जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती हैं दोनों आरोपी, अजहर के हो चुके हैं दो ऑपरेशन
रोहित नेगी हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेने की तैयारी कर रही है। मुख्य आरोपी अजहर त्यागी और उसके साथी आयुष को बृहस्पतिवार रात मंगलौर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में गोलियां लगी थीं। दोनों का जौलीग्रांट अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें से अजहर के दो ऑपरेशन हो चुके हैं। उसके दोनों पैरों और एक हाथ में गोली लगी थी।
गौरतलब है कि गत दो जून की देर रात मांडूवाला के पीपल चौक पर भाजपा नेता और स्टोन क्रशर मालिक रोहित नेगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे एक युवती को लेकर चल रहा विवाद सामने आया था। पता चला था कि अजहर के समुदाय की एक युवती रोहित नेगी के दोस्त से मिलती जुलती थी। यह बात अजहर को पसंद नहीं थी। वह लगातार युवती तो उससे मिलने के लिए मना कर रहा था। दो जून की रात में भी युवती रोहित और उसके दोस्तों के साथ थी। ऐसे में अजहर ने फिर उसे फोन कर मना किया तो यह बात रोहित ने सुन ली।
इसी बीच अजहर और रोहित के बीच कहासुनी हो गई। इसी खुन्नस में अजहर ने रोहित नेगी की गोली मारकर हत्या कर दी। उस वक्त अजहर के साथ एक युवक और भी था। पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अजहर और उसका साथी मंगलौर क्षेत्र में आए हैं। पुलिस ने नाकेबंदी कर एक मोटरसाइकिल को रोका तो बाइक सवार वहां से भागने लगे। दोनों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया।
इसके बाद जवाबी कार्रवाई में अजहर और आयुष नाम के इन आरोपियों को गोलियां लगीं। इनमें अजहर के दोनों पैरों और दाएं हाथ में गोली लगी। जबकि, आयुष के दोनों पैरों में गोलियां लगी हैं। दोनों का वर्तमान में जौलीग्रांट अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अजहर के दो ऑपरेशन हो चुके हैं। तीसरा शुक्रवार देर शाम तक चल रहा था। दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है। ताकि, दोनों से पूछताछ की जा सके।
अन्य कोई वजह भी आ सकती है सामने
अभी तक जांच में सिर्फ युवती की कहानी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कोई और कहानी भी हो सकती है। ऐसे में पुलिस कस्टडी रिमांड में आरोपियों से पूछताछ की जानी है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी अजहर के खिलाफ पहले भी झगड़े के कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके साथी का भी आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है। इसके बाद ही स्थिति साफ हो सकती है।