योजना सिरे चढ़ी तो धर्मनगरी में भी पॉलिथीन की सड़कें बनाने का काम शुरू हो जाएगा। पॉलिथीन की सड़क बनाने के लिए नगर निगम शहर से जब्त की गई पॉलिथीन लोक निर्माण विभाग को देगा। नगर आयुक्त डा. ललित नारायण मिश्रा की ओर से इसका प्रस्ताव लोनिवि के अधिशासी अभियंता को भेजा गया है। माना जाता है कि पॉलिथीन का उपयोग सड़क बनाने में किए जाने से सड़क अधिक टिकाऊ होने के साथ ही उसकी लागत भी कमी आती है।
हाईकोर्ट और एनजीटी ने हरिद्वार में पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके अनुपालन में नगर निगम ने पॉलिथीन का क्रय-विक्रय व उपयोग किए जाने के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में पॉलिथीन दुकानों से जब्त किया है। नगर निगम में इतना पॉलिथीन व प्लास्टिक जमा हो गया है कि उसको रखने के लिए नगर निगम में जगह नहीं बची है। पॉलिथीन की रिसाईक्लिंग की व्यवस्था भी नगर निगम क्षेत्र में नहीं है।
नगर आयुक्त ने बताया कि लोनिवि के अधिकारी को पत्र लिखकर नगर निगम में जमा पॉलिथीन का उपयोग सड़क निर्माण में किया जाए। उन्होंने बताया कि पॉलिथीन का उपयोग सड़क बनाने में परेड ग्राउंड देहरादून में किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास अभी लगभग 10 क्विंटल पॉलिथीन जमा होगा। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि नगर निगम से 29 नवंबर को पॉलिथीन का उपयोग सड़क बनाने में करने का प्रपोजल प्राप्त हुआ है।
देहरादून से जानकारी ली जा रही है कि किस प्रकार और किस मात्रा में पॉलिथीन का उपयोग सड़क बनाने में किया जा सकता है। पॉलिथीन की सड़क बनाने में तारकोल कम मात्रा में लगता है और सड़क अच्छी व टिकाऊ बनती है। सूत्रों ने बताया कि हरिद्वार में पहली पॉलिथीनयुक्त सड़क श्रवणनाथ नगर में बनाई जा सकती है। श्रवणनाथ नगर सड़क हॉटमिक्स बनानी प्रस्तावित है। मौसम अनुकूल होने पर इसी सड़क पर पॉलिथीन का प्रयोग किया जा सकता है।