अधीक्षण अभियंता के निर्देश के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कोठा बैंड-पंजिया मोटर मार्ग विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण पिछले डेढ़ माह से बंद पड़ी हुई है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पंजिया खड्ड में रास्ता बनाने के लिए ग्रामीण खुद श्रमदान कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कोठा बैंड से पंजिया होते हुए करीब 17 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पिछले पांच साल से किया जा रहा है। जिसमें प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण का काम शुरू किया गया है। डेढ़ माह पूर्व पंजिया गांव और सकनी के बीच मोटर मार्ग भारी मलबा आने और भूस्खलन से बंद हो गया था, जो आज भी विभागीय अधिकारियों की सुस्त चाल के कारण नहीं खोला जा सका है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के प्रति खासा रोष है। ग्राम पंचायत पंजिया की प्रधान प्रीति चौहान, संतराम भट्ट, बलबीर सिंह भडारी, महेंद्र सिंह चौहान, टीकम सिंह चौहान आदि लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सड़क नहीं खोली गई हैं, जबकि 26 अगस्त को लोनिवि के अधीक्षण अभियंता सहित कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और मोटर मार्ग को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अधिकारी सड़क खोलने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीण स्वयं सड़क खुलवाने में लगना पड़ रहा हैं। पंजिया खड्ड में ग्रामीणों की छानियां हैं। ऐसे में ग्रामीण यहां तक पहुंचने के लिए जगह जगह श्रमदान कर मलबे को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छानियों से फसलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए वे स्वयं ही मलबा हटाने में जुटे हैं।
लोनिवि खंड कालसी के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार टम्टा ने बताया कि पंजिया खड्ड में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिसके लिए देवी आपदा के तहत स्टीमेट बना कर शासन को भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होने पर ही मरम्मत संभव है।
इन गांवों की आवाजाही हो रही प्रभावित
मोटर मार्ग का करीब चार किमी हिस्सा सकनी गांव और पंजिया के बीच बंद है। जिस कारण सकनी, पंजिया, लुवांठा, बनसार, ठुरवू, ककड़ी गांव के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बंद मार्ग के चलते वाया शंभू की चौकी होकर पंजिया पहुंचना पड़ रहा है। जिसके चलते उन्हें 11-12 किमी की अधिक दूरी नापनी पड़ रही है।