कैंट क्षेत्र महिंद्रा ग्राउंड के सामने वाली करीब 800 मीटर सड़क को एक महीने के भीतर तीन बार बनाया जा चुका है। छह-सात लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही ये सड़क बार-बार टूट रही है। जब सड़क बनाने का काम शुरू होता है तो रूट डायवर्ट करना पड़ता है। इससे जनता को भी आवागमन में परेशानियां को सामना करना पड़ रहा है।
गढ़ी कैंट निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अनिल मोटे ने बताया कि महिंद्रा ग्राउंड के सामने करीब एक माह के भीतर दो बार सड़क बनाई गई। दोनों बार सड़क बनाने के अगले ही दिन टूट गई। अब तीसरी बार सड़क बनाई जा रही है। इस बार भी सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे छिपाने के लिए चूना डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। इधर मिलिट्री इंजीनियर सर्विस (एमईएस) के एक अधिकारी ने बताया कि अनुबंधित ठेकेदार की ओर से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। जब तक सड़क ठीक तरह से बनकर तैयार नहीं हो जाती तब तक ठेकेदार को भुगतान नहीं किया जाएगा।
अधिकारी बता रहे हैं ये वजह
एमईएस के एक अधिकारी ने सड़क बार-बार टूटने का प्रमुख कारण ट्रैफिक बताया है। उन्होंने बताया कि पहली बार जब सड़क का निर्माण हुआ था उस दौरान भी ट्रैफिक चलता रहा। जिसके चलते सड़क टूट गई। बाद में इस सड़क को डिफाल्टर घोषित किया गया। दूसरी बार राष्ट्रपति के आने से एक दो दिन पहले इसका निर्माण हुआ। लेकिन उस दिन निर्माण सामग्री कम पड़ गई है। ऐसे में सड़क पूरी तरह से कंप्लीट नहीं हो सकी थी। जिसके चलते फिर से सड़क टूटने लगी थी। इस बार ठेकेदार की ओर से टूटी सड़क की पूरी तरह से मरम्मत की जा रही है।
अधिकारी अपनी सुविधानुसार बनवाते हैं सड़क
महिंद्रा ग्राउंड के सामने सड़क को तीन बार बनाया जा चुका है। तीनों बार सड़क का निर्माण दिन में ट्रैफिक रोककर किया गया। जबकि अन्य क्षेत्रों में ज्यादातर रात्रि के समय इसका निर्माण कराया जाता है। सूत्र ने बताया कि कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो कंफर्ट जोन से बाहर नहीं निकलना चाहते। उनको लगता है कि रात में सड़क निर्माण के दौरान उन्हें भी पूरी रात जगना पड़ेगा। इसलिए वे अपनी सुविधानुसार दिन सड़क बनवाते हैं।